Breaking News
शीर्षक: अंडाल में ईसीएल आवासीय परिसर के छह बंद क्वार्टरों में चोरी, सीसीटीवी में दिखे दो संदिग्ध डुबुर्डिही जांच चौकी पर मवेशियों से भरा ट्रक पकड़ा, चालक समेत चार हिरासत में, तस्करी की आशंका मुचीपाड़ा में नुक्कड़ नाटक से सड़क सुरक्षा का संदेश, यमराज के किरदार ने हेलमेट के प्रति जगाई जागरूकता अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर आसनसोल में सम्मान और अधिकारों की गूंज, मंत्री ने विकास योजनाओं पर रखा सरकार का पक्ष आसनसोल जिला अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए शुरू हुआ पांच बिस्तरों वाला विशेष उपचार केंद्र आसनसोल रेलवे परिसर में शराब तस्करी पर आरपीएफ की कार्रवाई, 29 हजार की अवैध शराब जब्त, एक गिरफ्तार

ग्रामीण अंचल में नीलगाय की उपस्थिति से हड़कंप, वन विभाग सतर्क

Facebook
Twitter
WhatsApp

ghanty

आसनसोल :  नगर से सटे ग्रामीण क्षेत्र के घने वृक्षाच्छादित भाग में एक रहस्यमयी वन्यजीव की उपस्थिति ने स्थानीय निवासियों में उत्सुकता और उल्लास उत्पन्न कर दिया। प्रारंभिक दृष्टि में यह जीव एक हिरण प्रतीत हुआ, किंतु वन विभाग के अनुसार, यह संभवतः विशालकाय नीलगाय हो सकती है।

घटना 9 मार्च की दोपहर की है, जब कुल्टी नियामतपुर के डेडी गांव में इस विचित्र जीव को विचरण करते हुए देखा गया। इसके पूर्व, सलानपुर ब्लॉक के समीपवर्ती माइथन जलाशय क्षेत्र में भी इसे देखा जाने की सूचनाएँ प्राप्त हुई थीं। संभावना जताई जा रही है कि यह वन्यजीव झारखंड के जंगलों से भटककर इस क्षेत्र में प्रविष्ट हुआ है।

IMG 20240910 WA0035

जैसे ही इस विशालकाय प्राणी की उपस्थिति की सूचना फैली, स्थानीय लोगों में कौतूहल बढ़ गया। बड़ी संख्या में लोग इसे देखने के लिए उमड़ पड़े तथा इसे अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने का प्रयास करने लगे। वन विभाग के अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया तथा वन्यजीव को सुरक्षित रखने हेतु आमजन से संयम बरतने की अपील की।

IMG 20240918 WA0025

वन विभाग के अनुसार, नीलगाय एक शाकाहारी प्राणी है जो मनुष्यों के लिए हानिकारक नहीं होती। साथ ही, अपने बड़े आकार के कारण यह किसी भी छोटे शिकारी जीव जैसे कि गीदड़ या लकड़बग्घे से भी सुरक्षित रहती है। विभाग ने स्थानीय जनता को आगाह किया कि अत्यधिक उत्सुकता के कारण इस प्राणी को भयभीत न करें, ताकि इसे किसी प्रकार की क्षति न पहुँचे।

गौरतलब है कि माईथन डैम क्षेत्र में डीवीसी (दामोदर वैली कॉरपोरेशन) द्वारा संरक्षित हिरण अभयारण्य संचालित किया जाता है। प्रारंभ में कयास लगाए जा रहे थे कि यह प्राणी वहीं से भटककर आया होगा, किंतु वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह नीलगाय होने की अधिक संभावना है। फिलहाल, इसे सुरक्षित पकड़ने और उपयुक्त पुनर्वास सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 1 9 4 6
Users Today : 17
Users Yesterday : 23