
आसनसोल : नगर से सटे ग्रामीण क्षेत्र के घने वृक्षाच्छादित भाग में एक रहस्यमयी वन्यजीव की उपस्थिति ने स्थानीय निवासियों में उत्सुकता और उल्लास उत्पन्न कर दिया। प्रारंभिक दृष्टि में यह जीव एक हिरण प्रतीत हुआ, किंतु वन विभाग के अनुसार, यह संभवतः विशालकाय नीलगाय हो सकती है।
घटना 9 मार्च की दोपहर की है, जब कुल्टी नियामतपुर के डेडी गांव में इस विचित्र जीव को विचरण करते हुए देखा गया। इसके पूर्व, सलानपुर ब्लॉक के समीपवर्ती माइथन जलाशय क्षेत्र में भी इसे देखा जाने की सूचनाएँ प्राप्त हुई थीं। संभावना जताई जा रही है कि यह वन्यजीव झारखंड के जंगलों से भटककर इस क्षेत्र में प्रविष्ट हुआ है।

जैसे ही इस विशालकाय प्राणी की उपस्थिति की सूचना फैली, स्थानीय लोगों में कौतूहल बढ़ गया। बड़ी संख्या में लोग इसे देखने के लिए उमड़ पड़े तथा इसे अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने का प्रयास करने लगे। वन विभाग के अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया तथा वन्यजीव को सुरक्षित रखने हेतु आमजन से संयम बरतने की अपील की।

वन विभाग के अनुसार, नीलगाय एक शाकाहारी प्राणी है जो मनुष्यों के लिए हानिकारक नहीं होती। साथ ही, अपने बड़े आकार के कारण यह किसी भी छोटे शिकारी जीव जैसे कि गीदड़ या लकड़बग्घे से भी सुरक्षित रहती है। विभाग ने स्थानीय जनता को आगाह किया कि अत्यधिक उत्सुकता के कारण इस प्राणी को भयभीत न करें, ताकि इसे किसी प्रकार की क्षति न पहुँचे।
गौरतलब है कि माईथन डैम क्षेत्र में डीवीसी (दामोदर वैली कॉरपोरेशन) द्वारा संरक्षित हिरण अभयारण्य संचालित किया जाता है। प्रारंभ में कयास लगाए जा रहे थे कि यह प्राणी वहीं से भटककर आया होगा, किंतु वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह नीलगाय होने की अधिक संभावना है। फिलहाल, इसे सुरक्षित पकड़ने और उपयुक्त पुनर्वास सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।















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