
बर्नपुर : इंटक समर्थित आसनसोल आयरन एंड स्टील वर्कर्स यूनियन के महासचिव पद को लेकर संगठन के भीतर मंथन जारी है। आज भारती भवन, बर्नपुर में संगठन की वार्षिक साधारण सभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वर्ष 2025-27 की कार्यकारिणी का गठन सुनिश्चित किया जाएगा।
नए महासचिव की नियुक्ति पर गहराया गतिरोध
निवर्तमान महासचिव हरजीत सिंह सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जिसके चलते संगठन को अब एक ऐसे महासचिव की तलाश है, जो वर्तमान में सेवा में हो। नियमानुसार, पदासीन महासचिव का सक्रिय सेवा में रहना आवश्यक है, किंतु इस नियुक्ति को लेकर संगठन के भीतर असहमति और गुटबाजी चरम पर है।

संगठन को हाल ही में को-ऑपरेटिव चुनाव के दौरान भीतरी कलह और गुटीय संघर्ष का सामना करना पड़ा था, जिससे बोर्ड हाथ से निकल गया। यूनियन की मान्यता को लेकर मामला अभी भी उच्च न्यायालय में लंबित है, जिसके चलते महासचिव पद पर नियुक्ति संगठन के लिए चुनौतीपूर्ण बन गई है।
तीन प्रबल दावेदार, लेकिन नेतृत्व की दुविधा
महासचिव पद की दौड़ में बिप्लव माजी, श्रीकांत साह और गुरदीप सिंह उर्फ सन्नी का नाम सबसे आगे चल रहा है। ये तीनों यूनियन के प्रति समर्पित माने जाते हैं, किंतु इनके कुछ पक्ष-विपक्ष ऐसे हैं, जो नेतृत्व को किसी चौथे विकल्प पर विचार करने के लिए विवश कर रहे हैं।

महासचिव पद खाली रहने की संभावना
सूत्रों के अनुसार, यूनियन विवादों से बचने के लिए महासचिव पद को फिलहाल रिक्त रख सकती है। चर्चा है कि हरजीत सिंह को किसी अन्य महत्वपूर्ण पद पर दायित्व सौंपा जा सकता है। इसके अलावा, चार संयुक्त सचिवों की नियुक्ति की भी संभावनाएं जताई जा रही हैं।

सोनू सिंह फैक्टर का असर
वहीं, यूनियन के भीतर सोनू सिंह का कारक भी प्रमुखता से उभर रहा है। हड़ताल प्रकरण के बाद उनका स्थानांतरण कर दिया गया था, लेकिन संगठन के भीतर उन्हें एक निर्णायक भूमिका में देखा जा रहा है। ऐसे में, महासचिव पद पर नियुक्ति तब तक टल सकती है, जब तक सोनू सिंह वापस नहीं लौटते।
अब यह देखना रोचक होगा कि क्या इंटक विवादों से बचने के लिए महासचिव पद को फिलहाल खाली रखेगी, या किसी नए चेहरे को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से नवाजेगी।















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