आसनसोल नगर निगम के खातों में हुई 40 लाख की रहस्यमयी ठगी, विपक्ष का आरोप- निगम में भीतरघात

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आसनसोल :  आसनसोल नगर निगम के खाते से निगम के फाइनेंस अधिकारी व निगमायुक्त के कथित जाली हस्ताक्षर के माध्यम से एक फर्जी चेक के जरिए 40 लाख रुपये की रहस्यमयी निकासी ने पूरे पश्चिम बंगाल में हलचल मचा दी है। इस वित्तीय अनियमितता ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

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इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कृष्णेंदु मुखर्जी ने आरोप लगाया कि निगम की अंदरूनी व्यवस्थाएं ही इस धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार हैं। मुखर्जी का कहना है कि पहले भी वर्ष 2021 में निगम के कुल्टी बोरो कार्यालय से 87 लाख रुपये गुम हो गए थे, जिसकी शिकायत कुल्टी थाने में दर्ज हुई थी, परंतु कार्रवाई के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनके अनुसार, अब पुनः निगम के खाते में सेंधमारी होना नगर निगम की व्यवस्थाओं पर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने इस घटना में तृणमूल पार्टी के कुछ नेताओं, निगम अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत का आरोप लगाया है, जो नगर निगम के अंतर्गत करदाता जनता की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। मुखर्जी ने इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों की त्वरित गिरफ्तारी और उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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दूसरी ओर, आसनसोल नगर निगम के मेयर बिधान उपाध्याय ने जानकारी दी कि उन्हें इस घटना की सूचना कल रात ही प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि यह घटना निगम के पंजाब नेशनल बैंक खाते में हुई है, जहाँ से फर्जी चेक और फर्जी हस्ताक्षरों का सहारा लेते हुए 40 लाख रुपये जबलपुर, मध्यप्रदेश के पंजाब नेशनल बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। निकासी के लिए बैंक को एक जाली निगम पत्र भी प्रस्तुत किया गया था।

निगम द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 40 लाख रुपये के अलावा, अपराधियों ने 80 लाख रुपये का एक और चेक बैंक में जमा किया था। परंतु इस बार भारी रकम के कारण बैंक ने सतर्कता बरतते हुए निगम से पुष्टि के लिए संपर्क साधा। इस पर निगम ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार का कोई भी चेक जारी नहीं किया गया है। इसके बाद, बैंक ने निगम को सूचित किया कि 40 लाख रुपये पहले ही साफ कर दिए गए हैं।

आसनसोल दुर्गापुर पुलिस के साइबर थाने में इस घटना की शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 12 लाख रुपये की राशि रिकवर कर ली है, जबकि शेष 28 लाख रुपये की वसूली अब भी शेष है। पुलिस और बैंक की टीम मिलकर इस राशि को वापस प्राप्त करने के प्रयास में जुटी हुई है। पुलिस ने उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन देते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी का दावा किया है।

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