
कुल्टी : कुल्टी थाना क्षेत्र के हनुमान चढ़ाई स्थित पेट्रोल पंप के निकट एक झारखंड नंबर की एम्बुलेंस में शव लाकर खड़ा किया गया। शव के साथ आए लोग बराकर स्थित विभिन्न नर्सिंग होम के चक्कर काटते रहे, ताकि मृतक का डेथ सर्टिफिकेट बनवाया जा सके। नर्सिंग होम के सूत्रों के अनुसार, शव के साथ आए लोग डेथ सर्टिफिकेट के लिए पर्याप्त रकम देने को तैयार थे, लेकिन शव की स्थिति को देख नर्सिंग होम ने इसे जोखिम में नहीं लिया और पुलिस को सूचित कर दिया।
सूचना मिलने के बाद कुल्टी थाना और बराकर पुलिस फाड़ी ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने झारखंड के धनबाद जिले के पतलाबाड़ी स्थित लुचीबाग इलाके के अवैध कोयला खदान में मरे युवक का शव तलाशने के लिए जांच शुरू की। साथ ही उस एम्बुलेंस की भी तलाश शुरू की गई, जिसमें शव लाया गया था।

पुलिस की गश्त बढ़ती देख शव लेकर आए लोग आसनसोल के रास्ते भाग निकले। सूत्रों के अनुसार, वे शव को लेकर झारखंड से पश्चिम बंगाल के आसनसोल पहुंचे और फिर पुलिस के डर से रात के अंधेरे में डिसरगढ़ के रास्ते पुरुलिया जिले के नीतूड़िया थाना अंतर्गत भमुड़िया इलाके में पहुंचे, जहां शव को छुपाकर दाह संस्कार कर दिया गया।

गुरुवार को यह जानकारी मिली कि मृतक युवक झारखंड के धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र के लुचीबाग इलाके का निवासी था, जिसका नाम डिस्को बाउरी था। वह अवैध कोयला खदान में काम कर रहा था, जहां खदान की मिट्टी धस गई और कई मजदूर खदान में दब गए। कोयला माफियाओं ने डिस्को बाउरी को बाहर तो निकाल लिया, लेकिन अन्य मजदूरों को नहीं बचा सके।
परिजनों का आरोप है कि कोयला माफियाओं ने मृतक के परिवार को 6 लाख रुपये देने का वादा किया था, लेकिन पैसों का वितरण नहीं हुआ। परिवार ने माफियाओं से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन माफियाओं ने फोन उठाना बंद कर दिया, जिससे परिजनों का मनोबल टूट गया है। अब वे कानूनी रास्ता अपनाने की योजना बना रहे हैं।















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