
पूर्व बर्दवान : पश्चिम बंगाल पुलिस ने सोमवार को एक बांग्लादेशी नागरिक को गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया, जो अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर पूर्व बर्दवान के बाजेप्रतापपुर इलाके में रह रहा था। गिरफ्तार राजू अहमद, बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के कुशरपुर क्षेत्र का निवासी तथा वहां की सत्तारूढ़ दल अवामी लीग का नेता है। वह अपनी पहचान छिपाकर स्थानीय स्तर पर राजमिस्त्री के रूप में कार्य कर रहा था।
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि राजू अहमद को भारत में घुसपैठ कराने और शरण देने में दो अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता थी। इस मामले में पुलिस ने आसनसोल निवासी सुदीप दास उर्फ बापन को गिरफ्तार किया, जिसने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए अवैध रूप से भारत में घुसने में अहमद की मदद की थी। इसके अलावा, बाजेप्रतापपुर निवासी शेख माजिद रहमान को भी हिरासत में लिया गया, जिसने राजू अहमद को अपने किराए के मकान में शरण दी थी, जबकि वह उसकी वास्तविक पहचान से अवगत था।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान राजू अहमद ने दावा किया कि बांग्लादेश में वह लगातार हमलों का शिकार हो रहा था, जिससे बचने के लिए उसने बेनापोल सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश किया। हालांकि, वह भारत में रहने के लिए कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

इस मामले को लेकर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मंगलवार को गिरफ्तार तीनों आरोपियों को बर्दवान अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने न्यायिक हिरासत की मांग की।
जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चित बनर्जी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर सोमवार शाम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बाजेप्रतापपुर इलाके में छापेमारी कर राजू अहमद को गिरफ्तार किया।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। विशेष रूप से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि राजू अहमद किन परिस्थितियों में भारत आया, उसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे, क्या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था, और क्या इस घुसपैठ के पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका है।

सूत्रों का कहना है कि राजू अहमद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अन्य संदिग्ध व्यक्तियों पर भी नजर रखनी शुरू कर दी है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि इस तरह के और भी मामले सामने आ सकते हैं, जिसमें विदेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर स्थानीय क्षेत्रों में रह रहे हों।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।















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