
पांडवेश्वर : पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले छोरा ग्राम पंचायत के विभिन्न स्थानों पर तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय में आवास योजना की जाँच का कार्यक्रम संचालित होने के समाचार प्राप्त हुए हैं। इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के अधिकारी व कर्मी भी सम्मिलित पाए गए, जबकि मान्य सरकारी नियमों के अनुसार, यह जाँच संबंधित आवेदकों के निवास पर जाकर, घर-घर पूछताछ के आधार पर की जानी चाहिए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकारी नियमों की अवहेलना करते हुए, तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के संरक्षण में पार्टी कार्यालय में आवास योजना की जाँच प्रक्रिया चलाई जा रही थी। इस प्रकार के कृत्य की सूचना मिलने पर भारतीय जनता पार्टी के पांडवेश्वर प्रखंड 2 के युवा मोर्चा अध्यक्ष सूरज चौहान घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने इस प्रक्रिया का घोर विरोध किया।
सूरज चौहान ने जाँच प्रक्रिया में तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय का उपयोग किए जाने को नियमविरुद्ध करार दिया और यह आरोप लगाया कि इस प्रकार से तृणमूल कांग्रेस अपने पार्टी कार्यकर्ताओं व समर्थकों के नाम को ही प्राथमिकता देकर सूची में सम्मिलित करवा रही थी। वहीं, जिनका नाम पूर्व से सूची में अंकित था, उनके नाम को जाँच के नाम पर हटवाया जा रहा था। इस प्रक्रिया में, तृणमूल कांग्रेस का एकमात्र उद्देश्य अपने करीबी लोगों को आवास योजना का लाभ प्रदान करवाना प्रतीत होता है।
इस संबंध में, भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा की ओर से पांडवेश्वर प्रखंड के वीडियो बृष्टि हजरा को लिखित शिकायत सौंपी गई है। सूरज चौहान ने अपनी शिकायत में यह आग्रह किया कि आवास योजना की जाँच मान्य सरकारी प्रक्रियाओं के अनुसार घर-घर जाकर की जानी चाहिए, ताकि इस योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँच सके।

प्रखंड विकास अधिकारी बृष्टि हजरा ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस विषय में प्राप्त शिकायत पर संज्ञान है और उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित प्रकरण में शीघ्र उचित जाँच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आवास योजना की जाँच प्रक्रिया के लिए निर्धारित सरकारी नियमों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाएगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी नियमों के उल्लंघन के किसी भी प्रकरण में सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि आवास योजना के लाभ से पात्र लोगों को वंचित न किया जा सके।
इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि आवास योजना में तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय का उपयोग कर अपने स्वार्थ सिद्धि हेतु नियमों की अनदेखी की जा रही है। यह प्रकरण एक ओर शासन की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाता है तो दूसरी ओर जनकल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शिता को भी संदिग्ध बनाता है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाए गए इस मुद्दे और संबंधित अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन से यह देखना होगा कि जाँच प्रक्रिया में किस प्रकार की निष्पक्षता बरती जाती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
इस प्रकार, आवास योजना की जाँच में पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन की अपेक्षा रखी जा रही है, ताकि आमजन की सरकार पर विश्वास बना रहे और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ सही रूप से प्राप्त हो सके।















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