
आसनसोल : केंद्र व राज्य सरकार के बजट को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीतिक फिजाओं में घमासान मचा हुआ है। भाजपा व तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर पहुँच गया है।
भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने आसनसोल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्य सरकार के बजट को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का बजट समावेशी दृष्टिकोण का परिचायक है, जो भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने हेतु ठोस रोडमैप प्रस्तुत करता है। इसके विपरीत, बंगाल सरकार का बजट दिशाहीन व युवाओं तथा महिलाओं की आकांक्षाओं के प्रतिकूल प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार केंद्र की महत्वाकांक्षी योजनाओं, विशेषतः ‘आयुष्मान भारत’, को राजनीतिक स्वार्थवश राज्य में लागू नहीं होने दे रही।

टीएमसी ने किया तीखा पलटवार
भाजपा के आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस के राज्य सचिव वी शिवदासन दासु ने सोशल मीडिया के माध्यम से आक्रामक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को दिन में सपने देखने की आदत पड़ चुकी है। दासु ने भाजपा की पश्चिम बंगाल में सत्ता प्राप्ति की आशा को “मुंगेरीलाल के सपने” के समान बताया और स्पष्ट किया कि राज्य की जनता ममता बनर्जी के नेतृत्व में अडिग रूप से खड़ी है।
इसके साथ ही, दासु ने केंद्र सरकार के बजट को जनविरोधी बताते हुए भाजपा नेताओं को मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण कराने तक की सलाह दे डाली। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियाँ जनता के बजाय पूँजीपतियों के हितों को साधने में अधिक रुचि रखती हैं।

चुनावी परिदृश्य गर्माने के संकेत
बजट को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच यह तीखा संघर्ष आगामी 2026 विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि को और अधिक गरमा सकता है। दोनों दलों के शीर्ष नेता अपने-अपने समर्थकों को साधने में जुटे हैं, जिससे स्पष्ट है कि आर्थिक नीतियों को लेकर यह टकराव भविष्य में और अधिक तीव्र रूप ले सकता है।















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