
आसनसोल : जमुरिया विधानसभा के चुरुलिया अंतर्गत लदा गांव में बालू गाड़ियों के अविरल परिचालन के विरोध में स्थानीय निवासियों ने आंदोलन का रुख अख्तियार कर लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि चुरुलिया चौकी के एक पुलिस अधिकारी ने विद्यार्थियों को ट्यूशन जाने से प्रतिबंधित कर दिया। विदित हो कि निरंतर बालू परिवहन के कारण मार्ग कीचड़मय हो चुका था, जिससे बच्चों को आवागमन में कठिनाई हो रही थी एवं वे कई बार गिर भी पड़े। इस घटना के पश्चात अभिभावकों एवं छात्रों में तीव्र आक्रोश उत्पन्न हो गया।

इस प्रकरण को लेकर भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल ने राज्य सरकार, तृणमूल कांग्रेस एवं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए इसे जनविरोधी करार दिया। वहीं, भाजपा के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्य संपादक वी. शिवदासन दासु ने भाजपा पर राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप मढ़ा।

दासु ने कहा कि भाजपा विधायक द्वारा लगाए गए सभी आरोप मिथ्या हैं। उन्होंने दावा किया कि यह संपूर्ण घटनाक्रम पूर्व नियोजित था एवं भाजपा ने राजनीतिक स्वार्थसिद्धि हेतु बच्चों को उपकरण की भांति प्रयोग किया। उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि जब छात्र शिकायत कर रहे थे, तब उस दृश्य का वीडियो कौन रिकॉर्ड कर रहा था? उनका कहना था कि जब न तो कोई मीडिया कर्मी वहां उपस्थित था और न ही कोई अन्य राजनीतिक कार्यकर्ता, तो यह सिद्ध हो जाता है कि यह भाजपा द्वारा सुनियोजित षड्यंत्र था।

उन्होंने अग्निमित्रा पाल पर तंज कसते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनसमस्याओं पर मुखर होना आवश्यक है, किंतु विरोध के नाम पर नाटकबाजी नहीं होनी चाहिए। यदि भाजपा विधायक को वास्तव में बालू गाड़ियों के अवैध परिवहन पर चिंता है, तो उन्हें भाजपा शासित राज्यों में चल रहे बालू माफिया के कारनामों पर भी सवाल उठाना चाहिए।















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