Breaking News
जामुड़िया में एसटीएफ की कार्रवाई, यात्री प्रतीक्षालय से युवक अवैध हथियारों सहित गिरफ्तार, जांच हुई तेज संत रविदास जयंती पर आसनसोल में भव्य कलश यात्रा, सामाजिक समरसता और मानव सेवा का संदेश गूंजा बर्दवान में एसटीएफ की कार्रवाई, संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार; आतंकी नेटवर्क और संभावित साजिश की जांच तेज हुई राष्ट्रीय सम्मान से गौरवान्वित हुए योगाचार्य भगवंत शर्मा, समग्र स्वास्थ्य सेवा के नए केंद्र की भी मिली मान्यता राहुल सांकृत्यायन प्रतिमा विवाद पर रानीगंज में वामपंथी प्रदर्शन, भाजपा समर्थकों से नारेबाजी के बीच बढ़ा तनाव बर्नपुर में मंत्री अग्निमित्रा पाल का विपक्ष पर प्रहार, विभिन्न मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा

बांग्लादेश में हिन्दू सणातनियों पर अत्याचार के खिलाफ हंगामा

Facebook
Twitter
WhatsApp

ghanty

आसनसोल : बांग्लादेश में हिन्दू सणातनियों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल ने कड़ा रुख अपनाया है। विधायक ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि बांग्लादेश में हिन्दू सणातनियों पर अत्याचार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो इसके खिलाफ आग उभरेगी। उनका कहना था कि भारत के अलावा, अन्य देशों के हिन्दू भी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे।

IMG 20240910 WA0035

IMG 20241202 WA0042

बांग्लादेश में सणातनी हिन्दूओं पर अत्याचार के खिलाफ और इस्कॉन के चिन्मय कृष्ण प्रभु की अविलंब रिहाई की मांग को लेकर आसनसोल के बार्नपुर त्रिवेणी मोड़ से एक विशाल विरोध मार्च निकाला गया। यह विरोध मार्च बंगीय हिन्दू जागरण और अन्य सणातनी संगठनों द्वारा आयोजित किया गया था। इस मार्च में भाजपा के राज्य नेता कृष्णेंदु मुखर्जी, विधायक अग्निमित्रा पाल, और भाजपा के जिला सचिव अभिजीत राय सहित कई अन्य सणातनी हिन्दू संगठन के लोग शामिल हुए।

IMG 20240918 WA0025

विरोध प्रदर्शन के दौरान “हरे कृष्णा हरे राम” के नारे लगाए गए और ढोल-नगाड़े के साथ प्रदर्शन किया गया। भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल ने इस मौके पर कहा कि मोहम्मद यूनुस एक अच्छे अर्थशास्त्री हो सकते हैं, लेकिन वह एक असफल नेता हैं। उनके नेतृत्व में बांग्लादेश सरकार में हिन्दू सणातनियों पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यूनुस को नोबेल पुरस्कार मिलने के बावजूद बांग्लादेश में धार्मिक हिंसा रुक नहीं रही है। ऐसे में उन्हें यह पुरस्कार लौटाना चाहिए। विधायक ने आगे कहा कि चिन्मय कृष्ण प्रभु और उनके शिष्यों की गिरफ्तारी के खिलाफ हम सभी को आवाज उठानी होगी। उन्होंने बांग्लादेश में हिन्दूओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर भारत सरकार से भी कदम उठाने की अपील की। उनका कहना था कि यदि बांग्लादेश में हिन्दू सणातनियों पर अत्याचार नहीं रुकता, तो हिन्दू चुप नहीं रहेंगे। दूसरी ओर, दुर्गापुर में विश्व सणातनी हिन्दू एकदा संघ ने भी बांग्लादेश में इस्कॉन के सन्न्यासियों की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। मायाबाजार इलाके में हरीनाम संकीर्तन के माध्यम से विरोध जताया गया। संगठन ने बांग्लादेश सरकार से तुरंत सन्न्यासियों की रिहाई की मांग की और इस पर भारत सरकार द्वारा कड़े कदम उठाने की अपील की। यह विरोध प्रदर्शन बांग्लादेश में हिन्दू सणातनियों पर हो रहे लगातार अत्याचारों के खिलाफ एक बड़ा संदेश देने के रूप में सामने आया है।

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 1 7 0 4
Users Today : 0
Users Yesterday : 64