

आसनसोल : पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में एक बार फिर तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखा गया, जब राज्य के विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी ने बाराबनी के नुनी मोड़ में तृणयन कालीपूजा के उद्घाटन अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। शुभेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में वर्तमान नेतृत्व और स्थानीय तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर कटाक्ष करते हुए तीखे आरोप लगाए।

उद्घाटन समारोह के मंच से अपने वक्तव्य में शुभेंदु अधिकारी ने बाराबनी क्षेत्र में व्याप्त राजनीतिक स्थिति पर कटु आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि बाराबनी में कई ऐसे लोग हैं, जो छोटे-मोटे मुख्यमंत्रियों के रूप में अपने आप को प्रस्तुत कर रहे हैं, किंतु उनमें वास्तविक नेतृत्व का अभाव है। उन्होंने दिवंगत नेता मानिक उपाध्याय का स्मरण करते हुए कहा कि बाराबनी में सही मायने में एक ही नेता हुए हैं, जो स्वर्गीय मानिक उपाध्याय थे, और वर्तमान नेतृत्व केवल ‘तोलाबाजी’ (उगाही) तक सीमित है। उन्होंने आगे कहा कि बाराबनी में शासन दल के स्थानीय ब्लॉक अध्यक्ष का जन्मदिन थाने में मनाया जाता है, जहाँ थाना प्रभारी (ओसी) उन्हें केक और मिठाइयाँ खिलाते हैं।
शुभेंदु अधिकारी के इन आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया दी गई। तृणमूल कांग्रेस के बाराबनी ब्लॉक अध्यक्ष असित सिंह ने इन आरोपों को निराधार और झूठा बताते हुए कहा कि उनका जन्मदिन विभिन्न स्थानों पर मनाया गया था, किंतु थाने में कोई भी समारोह आयोजित नहीं किया गया। इसके बावजूद, एक तस्वीर के वायरल होने से विवाद ने राजनीतिक स्वरूप धारण कर लिया, जिसमें बाराबनी थाना प्रभारी को तृणमूल ब्लॉक अध्यक्ष के साथ केक काटते हुए दिखाया गया है।

इस विवादास्पद तस्वीर के कारण राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है और विभिन्न मंचों पर तीखी बहस छिड़ी हुई है। शुभेंदु अधिकारी द्वारा उठाए गए सवालों ने न केवल स्थानीय प्रशासन पर, बल्कि पूरे राजनीतिक परिदृश्य पर गहरे प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
यह घटनाक्रम इस ओर संकेत करता है कि आगामी चुनावों के संदर्भ में बाराबनी का यह मुद्दा एक प्रमुख राजनीतिक विषय बन सकता है, जो स्थानीय और राज्य स्तर पर चुनावी रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।















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