

कुल्टी : कुल्टी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थित बराकर में रेल प्रशासन द्वारा एक योजनाबद्ध और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के मध्य अतिक्रमण हटाओ अभियान का प्रभावशाली क्रियान्वयन किया गया। इस कार्रवाई में रेलवे प्रशासन ने रेलवे की अधिग्रहित भूमि पर किए गए अनधिकृत और अवैध निर्माणों को निर्ममता पूर्वक ध्वस्त करने हेतु बुलडोज़र का उपयोग किया। जेसीबी मशीनों के माध्यम से सुनियोजित ढंग से एक के बाद एक सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया, जिससे स्थानीय क्षेत्र में भारी हड़कंप का माहौल उत्पन्न हो गया।

उल्लेखनीय है कि रेलवे प्रशासन ने इस अतिक्रमण अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु व्यापक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए थे। क्षेत्र में तैनात पुलिस बल और रेलवे सुरक्षा कर्मियों की उपस्थिति में जेसीबी मशीनों द्वारा अवैध ढांचों को समूल नष्ट कर दिया गया। इस विध्वंसात्मक कार्रवाई के पश्चात रेलवे प्रशासन ने अपनी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चारदीवारी निर्मित करने की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी।
सूत्रों के अनुसार, बराकर स्थित उक्त रेलवे भूमि पर अनधिकृत कब्जों के उन्मूलन के संदर्भ में प्रशासन ने पूर्व में कई बार स्थानीय निवासियों को विधिवत चेतावनियाँ दी थीं। अनेक बार लिखित अधिसूचनाएँ जारी की गईं और सम्बंधित व्यक्तियों को समय रहते अनाधिकृत निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, स्थानीय नागरिकों द्वारा चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए अतिक्रमण की प्रवृत्ति जारी रखी गई।
रेलवे प्रशासन के इस कठोर कदम से स्थानीय नागरिकों में तीव्र प्रतिक्रिया देखी गई। कई लोगों ने इसे अत्यधिक सख्त कार्रवाई बताया, जबकि अन्य ने रेलवे की लंबी चेतावनी प्रक्रिया को आवश्यक ठहराया। कुछ नागरिकों का यह भी कहना है कि बराकर क्षेत्र में अधिकांश अवैध कब्जे अनेक वर्षों से विद्यमान थे, जिनकी उपेक्षा प्रशासन द्वारा की जाती रही। किंतु अचानक हुई इस ध्वंसात्मक कार्रवाई से स्थानीय निवासियों में भय और आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो गई।

रेल प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि पर पुनः अनधिकृत कब्जा न हो, इसके लिए चारदीवारी निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही, भविष्य में इस प्रकार के अनधिकृत निर्माण न होने देने के लिए रेल प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों को चेतावनी देते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही है। रेलवे के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रेलवे की संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अनाधिकृत कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन के द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अवहेलना करने पर दंडात्मक कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी।
इस समूची प्रक्रिया में रेलवे प्रशासन ने न्यायिक मार्ग का अनुसरण करते हुए प्रत्येक आवश्यक कानूनी पहलुओं का ध्यान रखा और नागरिकों को पूर्व में पर्याप्त सूचना भी दी। अंततः, अवैध कब्जाधारकों द्वारा निर्देशों की अवहेलना के कारण ही यह कार्रवाई अनिवार्य हो गई। प्रशासन का यह भी कहना है कि भूमि को मुक्त कराना रेलवे की एक दीर्घकालिक योजना का अंग है, जिसका उद्देश्य रेलवे की सम्पत्तियों का उचित उपयोग और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इस प्रकार, कुल्टी के बराकर में रेलवे द्वारा अनाधिकृत कब्जों पर की गई इस कठोर कार्रवाई ने स्थानीय नागरिकों के बीच एक महत्वपूर्ण संदेश संप्रेषित किया है कि प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन प्रत्येक नागरिक का दायित्व है, अन्यथा सख्त कदम उठाए जाना अनिवार्य हो जाता है।















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