
आसनसोल: सामाजिक सशक्तिकरण और ग्रामीण आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, बनवारीलाल भलोटिया कॉलेज ने बरथोल गांव में नवीन सामाजिक उद्यमिता परियोजना का आरंभ किया है। इस परियोजना का मार्गदर्शन कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अमिताभ बसु कर रहे हैं, और इसके संचालन में अमुक्तिका इको प्राइवेट लिमिटेड और ‘एम्पावरिंग वीमेन ग्रुप’ का सक्रिय सहयोग है। परियोजना का उद्देश्य ग्रामवासियों, विशेषकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए उन्हें व्यावसायिक दृष्टि से सशक्त बनाना है। इस संपूर्ण पहल का कार्यभार ‘स्वावलंबन उद्यमिता विकास, नवाचार एवं इनक्यूबेशन केंद्र’ के अंतर्गत रहेगा।

गांव में उपलब्ध संसाधनों और श्रमशक्ति का मूल्यांकन करने के लिए हाल ही में कॉलेज के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने बरथोल का दौरा किया। इस दौरान यह पाया गया कि 50 से अधिक महिलाएँ सबई घास का उपयोग कर हस्तशिल्प के उत्कृष्ट उत्पाद तैयार कर रही हैं। इस क्षमतावृद्धि को प्रोत्साहित करते हुए, कॉलेज ने उन्हें पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद जैसे हस्तनिर्मित कागज और जैव-प्लास्टिक के निर्माण का प्रशिक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया। यह पहल न केवल कौशल-विकास पर केंद्रित है, बल्कि इनके लिए कच्चे माल की सतत उपलब्धता और विपणन के अवसरों को भी सुनिश्चित करेगी।

इस प्रकल्प के समन्वयक डॉ. संतनु मल्लिक ने इस विषय में बताया कि, “हमारा उद्देश्य महिलाओं को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखना है। हम उन्हें ऐसा मंच देना चाहते हैं, जिससे वे अपनी स्वयं की उद्यमिता स्थापित कर सकें और अपने आर्थिक स्तर को सुदृढ़ कर सकें। पर्यावरण-संरक्षण के साथ आत्मनिर्भरता की यह पहल इन महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेगी।” महिला समूह की नेतृत्वकर्ता मुकुटमणि ओरांग का इसमें अहम योगदान है। वे महिलाओं को संगठित कर इस परियोजना के प्रति जागरूकता एवं उत्साह का संचार कर रही हैं। उनके योगदान को रेखांकित करते हुए सह-समन्वयक डॉ. अमलेंदु सामंता ने कहा, “मुकुटमणि के नेतृत्व में महिलाओं का उत्साह और सहभागिता परियोजना के सफल कार्यान्वयन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
इस परियोजना में अमुक्तिका इको प्राइवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी भी शामिल है, जो महिलाओं को ऐसे कौशल प्रदान करने का कार्य करेगी, जिनसे वे उच्च गुणवत्ता वाले पर्यावरणीय उत्पाद तैयार कर सकें। अमुक्तिका इको प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक मन्दिरा कर्मकार और शुभम दास ने महिलाओं को संसाधनों और स्थिर कार्य-प्रवाह का आश्वासन दिया है, ताकि वे आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर अग्रसर हो सकें।

इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अमिताभ बसु ने घोषणा की कि बनवारीलाल भलोटिया कॉलेज इस परियोजना की सफल क्रियान्वयन हेतु बरथोल गांव को गोद लेगा। साथ ही, जिला उद्योग केंद्र, पश्चिम बर्द्धमान ने भी परियोजना में सक्रिय सहयोग देने का आश्वासन दिया है, जो संसाधनों की उपलब्धता और कौशल विकास में सहायक सिद्ध होगा।















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