
बर्दवान : बर्दवान फास्ट ट्रैक सेकंड न्यायालय ने बर्दवान डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीडीए) की चेयरपर्सन एवं तृणमूल कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष काकली गुप्ता सहित 13 दोषियों को कठोर दंडादेश सुनाते हुए सख्त न्यायिक दृष्टिकोण अपनाया। न्यायाधीश अरविंद मिश्रा ने 12 अभियुक्तों को 10 वर्ष एवं काकली गुप्ता को 3 वर्ष कारावास का आदेश दिया।
दंडित व्यक्तियों में तृणमूल कांग्रेस के बर्दवान 1 ब्लॉक अध्यक्ष एवं बीडीए चेयरपर्सन काकली गुप्ता, ब्लॉक युवा अध्यक्ष मानस भट्टाचार्य, अंचल अध्यक्ष शेख जमाल, रायन ग्राम पंचायत प्रधान कार्तिक बाग सहित सत्तारूढ़ दल के कई पदाधिकारी सम्मिलित हैं।

2017 का गंभीर आपराधिक प्रकरण
मामला वर्ष 2017 का है, जब काकली गुप्ता समेत 15 व्यक्तियों के विरुद्ध हत्या के प्रयास, शारीरिक आक्रमण एवं अन्य गंभीर दंडात्मक धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। सोमवार को न्यायालय ने 13 व्यक्तियों को दोषसिद्ध घोषित किया, जबकि 2 अभियुक्तों को निर्दोष घोषित कर मुक्त कर दिया गया।
दोषसिद्ध व्यक्तियों को कारागार ले जाने के क्रम में काकली गुप्ता, मानस भट्टाचार्य, शेख जमाल एवं कार्तिक बाग की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें बर्दवान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जिससे सजा की घोषणा टल गई थी।
शुक्रवार को न्यायालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं प्रत्यक्ष सुनवाई के माध्यम से दोषियों को दंडादेश सुनाया। सरकारी अधिवक्ता हरिदास मुखोपाध्याय ने कहा कि यह निर्णय विधि-व्यवस्था हेतु एक सख्त चेतावनी है। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता विश्वजीत दास ने उच्च न्यायालय में अपील करने की घोषणा की।

राजनीतिक गलियारों में हलचल
इस निर्णय के उपरांत बर्दवान एवं समीपवर्ती क्षेत्रों में राजनीतिक उथल-पुथल मच गई। तृणमूल कांग्रेस ने निर्णय को पक्षपातपूर्ण एवं दुर्भाग्यपूर्ण बताया, जबकि विपक्ष ने इसे न्याय की विजय करार दिया।
















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