भाई फोटा पर्व पर बहनों की सुरक्षा का लिया प्रण

Facebook
Twitter
WhatsApp

IMG 20241103 WA0058

ghanty

दुर्गापुर: बंगाली समुदाय में मनाए जाने वाला विशेष पर्व भाई फोटा हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व भाई-बहन के बीच अटूट प्रेम, संबंध और सद्भावना का प्रतीक है। पूरे पश्चिम बंगाल में यह उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

इस वर्ष दुर्गापुर में नॉन कंपनी रिक्रिएशन क्लब के प्रभाती प्राणायाम एवं लाफिंग क्लब परिसर में बहनों ने भाई फोटा का आयोजन किया। पारंपरिक रूप से बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाती थीं, लेकिन इस बार कुछ अलग हुआ। वर्तमान समय में, जहां महिलाओं की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है और उनके नारीत्व का अपमान किया जा रहा है, वहीं इस पर्व ने एक अनोखी दिशा ली। इलाके के भाइयों ने अपनी बहनों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी सुरक्षा का प्रण लिया।

IMG 20240910 WA0035 4

इस अनूठे भाई फोटा उत्सव में क्षेत्र के अनेक लोग बढ़-चढ़कर शामिल हुए। दुर्गापुर स्टील प्लांट के एजीएम (फिजियोथेरेपी) डॉ. तपन बाद्यकर, ट्रेनर प्रणय रॉय, क्लब सचिव बिप्लब चौधरी और डॉ. सुभाशीष चक्रवर्ती जैसे कई प्रतिष्ठित हस्तियां इस कार्यक्रम में उपस्थित थीं।

डॉ. तपन बाद्यकर ने इस विशेष अवसर पर कहा कि पारंपरिक रूप से बहनें अपने भाइयों को तिलक कर उनकी दीर्घायु की कामना करती आई हैं। लेकिन इस बार भाइयों ने बहनों के माथे पर तिलक लगाया है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि बहनों को यह अधिकार है कि भाइयों को भी उनके माथे पर तिलक लगाना चाहिए, ठीक उसी प्रकार जैसे राखी के पर्व पर बहनें भाइयों की कलाइयों पर राखी बांधती हैं।

IMG 20240918 WA0025

यह पर्व न केवल भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत बनाता है, बल्कि समाज में महिलाओं की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश भी देता है। भाइयों ने इस आयोजन के माध्यम से अपनी बहनों के प्रति सुरक्षा और सम्मान का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो न केवल इस पर्व की सार्थकता को बढ़ाता है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की आवश्यकता को भी दर्शाता है।

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 1 6 4 4
Users Today : 4
Users Yesterday : 34