
आसनसोल : भारतीय रेलवे की पर्यटन सेवा इकाई आईआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम) द्वारा ‘भारत गौरव’ परियोजना के तहत देवभूमि उत्तराखंड यात्रा के आयोजन हेतु आज आसनसोल रेलवे स्टेशन के फूड प्लाजा में संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आईआरसीटीसी जोनल ऑफिस कोलकाता की एग्जीक्यूटिव टूरिज्म अधिकारी मधुमंती राय चौधरी, चीफ सुपरवाइजर निखिल सोनार, और टूरिज्म एसोसिएट अमित मौइत्रा उपस्थित रहे और उन्होंने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस सम्मेलन में जानकारी दी गई कि भारत सरकार की ‘देखो अपना देश’ और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ योजना के उद्देश्य को दृष्टिगत रखते हुए भारत गौरव पर्यटक ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया है। रेल मंत्रालय के संरक्षण में इस परियोजना ने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय पर्यटन को एक नई दिशा दी है। इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भारतीय धरोहर और सांस्कृतिक संपदा से अवगत कराना है, जिससे भारत विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट स्थान प्राप्त कर सके।
आईआरसीटीसी ईस्ट जोन द्वारा संचालित इस देवभूमि उत्तराखंड यात्रा टूर पैकेज में कुल 10 रातें और 11 दिनों का समयावधि रखी गई है। यात्रा में टनकपुर, चंपावत, लोहाघाट, अल्मोड़ा, नैनीताल, भीमताल जैसे दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इस टूर में यात्रियों को ट्रेन यात्रा के साथ ऑन-बोर्ड और ऑफ-बोर्ड शाकाहारी भोजन, बजट होटलों में ठहरने की सुविधा, और गैर वातानुकूलित व वातानुकूलित सड़क परिवहन का प्रबंध उपलब्ध कराया गया है।

इस यात्रा की शुरुआत 3 दिसंबर 2024 को कोलकाता से होगी और यह यात्रा 13 दिसंबर 2024 को समाप्त होगी। इस यात्रा में कोलकाता, वर्धमान, आसनसोल, झाझा, बरौनी, हाजीपुर, गोरखपुर, और लखनऊ से यात्री ट्रेन में सवार हो सकते हैं।
पर्यटन सेवा के अंतर्गत इस देवभूमि उत्तराखंड यात्रा में कुल 300 बर्थ उपलब्ध कराए गए हैं, जो दो श्रेणियों में विभाजित हैं – ‘स्टैंडर्ड’ और ‘डीलक्स’। स्टैंडर्ड श्रेणी में यात्रा हेतु प्रति व्यक्ति शुल्क ₹30,925 निर्धारित है जबकि डीलक्स श्रेणी के लिए यह राशि ₹38,535 रखी गई है।
इस यात्रा की बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट (www.irctctourism.com) पर ऑनलाइन की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, अधिकृत एजेंटों के माध्यम से भी बुकिंग का प्रावधान है। बुकिंग और अन्य जानकारी के लिए आईआरसीटीसी के मोबाइल नंबर 8595904074 अथवा 8595904075 पर संपर्क किया जा सकता है।
आईआरसीटीसी द्वारा संचालित यह पहल भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षण और प्रचारित करने की दिशा में एक उत्कृष्ट कदम है, जिसमें घरेलू और विदेशी पर्यटकों को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता से परिचित कराया जा रहा है।















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