
आसनसोल : वरिष्ठ व्यवसायी सुरेन जलान ने सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि “ये तेवर अच्छे हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के नेतृत्व में आए परिवर्तन को न केवल भारत बल्कि समूचे विश्व ने महसूस किया है। अब भारतीय नेता अपनी बातों को सशक्त ढंग से रखने में सक्षम हो गए हैं।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा यूरोप और अमेरिका में सटीक तथ्यों के माध्यम से वैश्विक शक्तियों को आईना दिखाना हो या गृहमंत्री अमित शाह द्वारा संसद में आप्रवासन और विदेशियों से संबंधित विधेयक पर स्पष्ट शब्दों में यह कहना कि “भारत कोई धर्मशाला नहीं है कि कोई भी जब चाहे यहाँ आकर बस जाए,”— ये सभी उदाहरण बताते हैं कि भारत की रीढ़ अब पहले से अधिक मजबूत हो चुकी है।

आज भारत की कूटनीति, सैन्य शक्ति तथा सनातन संस्कृति की एकजुटता ने देश को एक नई ऊँचाई पर पहुँचा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी साख को वैश्विक मंचों पर स्थापित किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की तीक्ष्ण और तर्कसंगत नीति ने विश्व शक्तियों को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अब भारत किसी भी मुद्दे पर दबाव में आने वाला नहीं है।

सुरेन जलान ने कुंभ मेले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित करते हुए इसे भारतीय सभ्यता की अखंडता और सनातन धर्म के प्रति आस्था का जीवंत प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि 65 करोड़ श्रद्धालुओं का एक साथ संगम में स्नान करना भारत की संस्कृति और उसकी आध्यात्मिक शक्ति का वैश्विक प्रदर्शन है।
उन्होंने कहा कि यह सब भारत की उन्नत होती रणनीतिक शक्ति और नेतृत्व क्षमता का परिणाम है। अंत में, उन्होंने विक्रम संवत 2082 सत्य सनातन नववर्ष की अग्रिम शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए भारत की निरंतर प्रगति की कामना की।















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