रानीगंज : विजयादशमी के उत्सव के अवसर पर, समस्त देश के साथ-साथ आसनसोल एवं आस-पास के क्षेत्रों में महावीर अखाड़ों का आयोजन किया जाता है। विशेष रूप से रानीगंज में, महावीर अखाड़ा लखी पूजा के दूसरे दिन की परंपरा का पालन करता है। किंतु विगत कुछ वर्षों से आपसी सौहार्द एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के कारण, प्रशासन ने पहले के मार्गों पर महावीर अखाड़ों के संचालन की अनुमति प्रदान नहीं की है। इस विषय पर अखाड़ा समितियों और प्रशासन के बीच मतभेद उत्पन्न हो गए हैं, जिसके फलस्वरूप पिछले चार वर्षों से रानीगंज में अखाड़ों का आयोजन न हो सका है।
इस वर्ष भी, अखाड़ा समितियों द्वारा रानीगंज में अखाड़ा नहीं निकाला गया। उन्होंने केवल विधि-विधान का पालन करते हुए पूजा-अर्चना की। पुलिस प्रशासन इस अवसर पर पूरी तरह मुस्तैद रहा, और हर गली-कौने में सुरक्षा बलों की तैनाती देखी गई, लेकिन अखाड़ा निकालने की अनुमति नहीं दी गई।
सी आर रोड क्षेत्र में, महाराणा प्रताप अखाड़ा कमेटी की ओर से भी अखाड़ा नहीं निकाला गया, तथापि पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाराणा प्रताप अखाड़ा कमेटी के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, कमेटी से जुड़े व्यक्तियों ने प्रशासन द्वारा उन्हें पुराने मार्ग पर अखाड़ा निकालने की अनुमति न देने के निर्णय पर असंतोष प्रकट किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस वजह से रानीगंज में ऐतिहासिक महावीर अखाड़ों की परंपरा का समापन हो चुका है।
अखाड़ा समितियों का मानना है कि प्रशासन का यह निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है, जिससे रानीगंज के निवासियों को एक अलौकिक दृश्य से वंचित किया गया है। अन्य कमेटियों ने भी अपनी-अपनी परिसरों में करतब दिखाकर रस्मों का पालन किया, लेकिन रानीगंज में अखाड़ों की अनुपस्थिति ने एक विरासत को समाप्त कर दिया है।















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