
आसनसोल : खड़गपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के गोपाली इलाके में स्थित बीजेपी पंचायत प्रधान बिमल दास उर्फ पिंटू के होटल पर तृणमूल कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि उनके होटल में जिस्मफरोशी का धंधा चलता है और हाल ही में कुछ जोड़ों को आपत्तिजनक अवस्था में गिरफ्तार भी किया गया है। यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि बिमल दास, जो कि बीजेपी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं, आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की विधायक अग्निमित्रा पाल के करीबी हैं।
टीएमसी ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें भी पोस्ट की, जिनमें बिमल दास और विधायक अग्निमित्रा पाल एक साथ नजर आ रहे थे। इन तस्वीरों के आधार पर तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी के इस पंचायत प्रधान का संबंध न केवल एक आपराधिक गतिविधि से है, बल्कि पार्टी की छवि को धूमिल करने के लिए इसे राजनीतिक रूप से भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

वहीं, इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक अग्निमित्रा पाल ने तृणमूल कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया और इसे ओछी राजनीति करार दिया। उन्होंने कहा कि यह आरोप तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। विधायक ने कुछ दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि जिस होटल और रेस्टोरेंट का जिक्र किया जा रहा है, वह जरूर बिमल दास का था, लेकिन उन दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि इस होटल को 1 मई 2022 को विक्रम छेत्री नामक व्यक्ति को लीज पर दे दिया गया था। विक्रम ने इस होटल के दो कमरों को संदीप सरकार को सब-लीज पर दे दिया था।
अग्निमित्रा पाल ने कहा कि इन दस्तावेजों से साफ जाहिर होता है कि तृणमूल कांग्रेस बीजेपी कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। उनका आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस की सरकार पुलिस का दुरुपयोग करके बीजेपी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को परेशान कर रही है। विधायक ने यह भी कहा कि बिमल दास ने लोकसभा चुनाव में उनके लिए काफी मेहनत की थी और अब उन्हें परेशान किया जा रहा है।
विधायक ने कहा कि इससे पहले भी बिमल दास को लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार करने की कोशिश की गई थी, जिसके कारण उन्हें लगभग दो महीने तक अपने घर से दूर रहना पड़ा था। अब तृणमूल कांग्रेस फिर से उनकी छवि खराब करने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है।
अग्निमित्रा पाल ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस का यह प्रयास न केवल भाजपा कार्यकर्ताओं को दबाने का है, बल्कि इसे एक सुनियोजित राजनीति की चाल माना जा सकता है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के कार्यों की आलोचना करते हुए कहा कि यदि यही स्थिति रही तो आगामी विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।

इस बीच, बिमल दास पर लगे आरोपों को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक इस मामले में किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। आरोपों के बावजूद भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं के समर्थन में बयान जारी किया है और इस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच इस विवाद का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।















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