
आसनसोल : आसनसोल रेल मंडल के बोराचक स्टेशन से सीतारामपुर जंक्सन स्टेशन तक बाईपास लाइन का निरीक्षण एक विशेष टीम द्वारा किया गया। इस निरीक्षण दल का नेतृत्व आसनसोल के सहायक इंजीनियर ने किया, जिसमें सीतारामपुर के रेलवे अधिकारियों ने भी सहयोग प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि उक्त बाईपास लाइन के कार्य की घोषणा हाल ही में आसनसोल रेल मंडल के डीआरएम द्वारा की गई थी, जिससे स्थानीय जनता में उत्सुकता एवं उम्मीदें बढ़ गई थीं।

आज के मुख्य निरीक्षण का उद्देश्य बोराचक रेलवे स्टेशन और सीतारामपुर जंक्सन स्टेशन के बीच बाईपास रेलवे लाइन के विस्तार को समझना था। इस क्रम में, रेलवे अधिकारियों ने सीतारामपुर बोका बाबा मंदिर और बोराचक स्टेशन के पास स्थित शिव काली मंदिर के स्थानांतरण के संबंध में स्थानीय लोगों के साथ संवाद स्थापित किया। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य स्थानीय समुदाय की चिंताओं और सुझावों को समझना था, जिससे निर्माण कार्य में सहूलियत और स्थानीय भावनाओं का सम्मान हो सके।
इस निरीक्षण में सीतारामपुर आईओडब्ल्यू के एसएससी, रेलवे ट्रैफिक विभाग के टीआई, सीतारामपुर आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर, और कंस्ट्रक्शन विभाग के प्रतिनिधियों के साथ-साथ आदिकर्ण फाउंडेशन के चेयरपर्सन संतोष कुमार वर्मा भी उपस्थित थे। सभी ने मिलकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को समाप्त करने के लिए संभावित उपायों पर विचार-विमर्श किया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीतारामपुर बोका बाबा मंदिर और बोराचक शिव काली मंदिर के सदस्यों के साथ छठ पूजा के उपरांत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में निर्माण कार्य के आगामी चरणों, स्थानीय धार्मिक स्थलों के स्थानांतरण और क्षेत्र के विकास योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।

रेलवे प्रशासन का यह प्रयास स्थानीय लोगों के हित में है, जिससे बाईपास लाइन के निर्माण से न केवल यात्रा के समय में कमी आएगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। स्थानीय समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए रेलवे अधिकारियों ने सुनिश्चित किया है कि सभी कदम सही दिशा में उठाए जाएंगे, ताकि धार्मिक स्थलों का स्थानांतरण सुगमता से किया जा सके और स्थानीय जनता की आवश्यकताओं का ध्यान रखा जा सके।
इस प्रकार, रेलवे प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों से यह स्पष्ट होता है कि वे न केवल बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति प्रतिबद्ध हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय की भावनाओं और धार्मिक भावनाओं का भी सम्मान करते हैं। आगे आने वाले समय में यह बाईपास लाइन क्षेत्र में विकास की नई संभावनाओं का द्वार खोलेगी।















Users Today : 0
Users Yesterday : 34