
आसनसोल : गुरुवार को महापर्व छठ की शुरुआत के साथ सूर्य देव को प्रथम अर्घ्य अर्पित करने हेतु हजारों श्रद्धालुओं का आगमन दामोदर नदी के विभिन्न घाटों पर होगा। परंतु, इस वर्ष दामोदर नदी में जल की गंभीर कमी ने समस्त श्रद्धालुओं को आशंकित कर दिया है। अत्यंत निम्न जलस्तर के कारण यह चिंता उत्पन्न हो गई है कि श्रद्धालु किस प्रकार सायं अर्घ्य अर्पण की पवित्र परंपरा का निर्वहन करेंगे।

आसनसोल नगर निगम के एमएमआईसी गुरदास चटर्जी ने इस विषय पर अपनी गहरी चिंता प्रकट की है। उन्होंने बताया कि राज्य प्रशासन द्वारा बार-बार दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) से आग्रह किया गया कि छठ महापर्व के पूर्व नदी में जल का प्रवाह सुनिश्चित किया जाए ताकि जलाभाव से उपजे संकट का समाधान हो सके। परंतु, डीवीसी द्वारा इस संबंध में कोई सकारात्मक कदम न उठाए जाने के कारण वर्तमान स्थिति अत्यधिक विकट हो गई है, जिसमें अर्घ्य प्रदान करना ही दूभर प्रतीत हो रहा है। श्री चटर्जी ने जानकारी दी कि कालाझरिया एवं भुताबुरी घाटों पर 20,000 से 25,000 श्रद्धालु प्रतिवर्ष अर्घ्य अर्पण करते हैं, किंतु इस बार घाटों पर जल के स्थान पर कीचड़ व्याप्त है, जिससे श्रद्धालुओं को अपार कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

श्री चटर्जी ने इस प्रकरण में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि हिंदुत्व की पैरवी करने का दावा करने वाली पार्टी इस धार्मिक महापर्व के समय श्रद्धालुओं की समस्याओं के प्रति उदासीन बनी हुई है। उन्होंने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर आरोप लगाया कि उनकी त्वरित हस्तक्षेप की अनुपस्थिति ने श्रद्धालुओं को इस जल संकट से उबरने का कोई मार्ग प्रदान नहीं किया है। स्थानीय भाजपा नेताओं की मौनता पर प्रश्न उठाते हुए उन्होंने कहा कि यही नेता किसी सफाई त्रुटि पर आसमान सिर पर उठा लेते हैं, किंतु जल संकट पर खामोश हैं।
आसनसोल नगर निगम ने अपनी ओर से सभी घाटों की स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया है। साथ ही, जिला प्रशासन द्वारा भी यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी श्रद्धालु किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करे। श्री चटर्जी ने भाजपा की हिंदुत्व नीति पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हुए इसे दिखावा मात्र करार दिया।















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