
चित्तरंजन : चित्तरंजन रेल कॉलोनी में घटित निर्मम हत्या कांड के उपरांत आज 28 नंबर सड़क पर सन्नाटा एवं भय का वातावरण व्याप्त है। पुलिस ने कांडस्थल 46/2डी पुलिस क्वार्टर को सील कर गहन छानबीन प्रारंभ कर दी है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों का सूक्ष्म परीक्षण कर रही है।

क्रूरतम हत्या, सात से अधिक घातक वार के प्रमाण
प्राप्त सूचनानुसार, हत्या की यह विभीषिका 3 अप्रैल संध्या के समय घटित हुई। मृतका संचिता चौधरी (56), पत्नी रेलवे कर्मी प्रदीप चौधरी, के शरीर पर कम से कम सात गहरे धारदार हथियारों के वार पाए गए। गले पर तीन गंभीर प्रहार, पीठ, वक्ष और हाथों पर भी घातक वार किए गए, जिससे यह स्पष्ट है कि हत्यारा अत्यंत आक्रोशित था एवं संचित वैमनस्य की परिणति स्वरूप यह अमानवीय कृत्य संपन्न हुआ।

परिचित पर संदेह, चोरी की संभावना नगण्य
घटनास्थल की प्रारंभिक परिस्थितियाँ संकेत देती हैं कि हत्यारा मृतका का निकटवर्ती परिचित था। क्वार्टर के दरवाजे खुले हुए थे, किसी प्रकार की जबरन तोड़फोड़ के निशान नहीं मिले। अलमारी के ताले यथावत थे, मूल्यवान वस्तुएँ यथास्थान रखी मिलीं, जिससे यह स्पष्ट है कि लूटपाट हत्या का उद्देश्य नहीं था।
हत्या उपरांत साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि हत्या के उपरांत फिनाइल एवं अन्य रसायनों से रक्तरंजित फर्श को साफ करने का प्रयास किया गया। अर्ध-भरा जल पात्र घटनास्थल पर मिला, जिससे यह आशंका प्रबल होती है कि अपराधी ने हत्या के साक्ष्य मिटाने का प्रयत्न किया।

पड़ोसियों को भनक तक नहीं, पुलिस की गहन जांच जारी
परिसर में निवासरत स्थानीय नागरिकों ने किसी प्रकार की संदिग्ध हलचल न महसूस करने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि हर संभावित संदिग्ध को जांच के दायरे में लिया जाएगा। मृतका की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट एवं फॉरेंसिक विश्लेषण पुलिस के लिए निर्णायक साक्ष्य सिद्ध होंगे।















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