कोलफील्ड एक्सप्रेस में बढ़ती भीड़ और बंकरों की अनुपस्थिति से दैनिक यात्रियों को हो रही असुविधा

Facebook
Twitter
WhatsApp

ghanty

बराकर : धनबाद और हावड़ा के मध्य प्रतिदिन चलने वाली कोलफील्ड एक्सप्रेस में त्योहारी मौसम में यात्रियों की भीड़ ने एक नई समस्या उत्पन्न कर दी है। इस रेल सेवा की महत्ता को नकारा नहीं जा सकता, क्योंकि यह न केवल धनबाद से कोलकाता जानेवाले यात्रियों की आवश्यकताएँ पूरी करती है, बल्कि यह उन लाखों दैनिक यात्रियों के लिए भी जीवन रेखा साबित होती है, जो रोज़ाना कामकाजी यात्रा के लिए इस ट्रेन पर निर्भर रहते हैं।

विगत कुछ महीनों में रेलवे प्रशासन ने ट्रेन के आधे दर्जन बोगियों में स्थित सीटों के ऊपर के बंकरों को हटा दिया है, जिससे ट्रेन में बैठने की व्यवस्था में भारी असुविधा उत्पन्न हो गई है। विशेषकर, त्योहारी सीजन में यात्री संख्या में बेतहाशा वृद्धि के कारण यह समस्या और भी विकट हो गई है। ज्ञातव्य है कि धनबाद से हावड़ा के मध्य स्थित कुमारधुबी, बराकर, कुल्टी, सीतारामपुर, आसनसोल, रानीगंज, अंडाल, वारिया, दुर्गापुर, पानागढ़ और मानकर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से प्रतिदिन हजारों लोग कामकाजी कारणों से यात्रा करते हैं। इन यात्रियों के लिए कोलफील्ड एक्सप्रेस एक अभिन्न हिस्सा बन चुकी है, और यह ट्रेन इन क्षेत्रों के लिए आवश्यक परिवहन का प्रमुख साधन है।

 

IMG 20240910 WA0035 1हालांकि, बंकरों के हटाए जाने के बाद, ट्रेन में सीटों के ऊपर सामान रखने का स्थान भी खत्म हो गया है, जिससे यात्री अपने सामान के साथ कष्टपूर्ण स्थिति में बैठने को विवश हो रहे हैं। खासतौर पर डेली पैसेंजर्स, जो नियमित रूप से यात्रा करते हैं, को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन यात्रियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से ट्रेन में बंकरों का होना एक आरामदायक विकल्प था, क्योंकि इससे न केवल अतिरिक्त सामान रखने की जगह मिलती थी, बल्कि कुछ यात्रियों को ऊपर बंकरों पर बैठने की भी सुविधा मिल जाती थी।

दुर्गा पूजा के बाद शनिवार को हुई भारी भीड़ में यह समस्या सबसे ज्यादा सामने आई, जब यात्री अधिकतम भीड़ के कारण बोगी की फर्श पर बैठने के लिए मजबूर हो गए। कई दैनिक यात्री जैसे बाबू दत्ता और बलदेव रवानी ने बताया कि वे वर्षों से इस ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं और अब बंकरों के हटाए जाने से उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि डेली पैसेंजर्स हमेशा प्राथमिकता के आधार पर सीटें छोड़कर बोगी की फर्श पर बैठने के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन अन्य यात्रियों, विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और वृद्धों को सीटें देने में उन्हें कोई संकोच नहीं होता।

IMG 20240918 WA0025

यात्री अब रेलवे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि बंकरों को पुनः लगाया जाए ताकि यात्रा में हो रही असुविधा को कम किया जा सके और अधिकतम यात्री सुविधाजनक तरीके से यात्रा कर सकें।

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 1 6 1 4
Users Today : 8
Users Yesterday : 22