जामुड़िया : ईसीएल (पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड) के केंदा एरिया अंतर्गत न्यू केंदा कोलियरी के दो नंबर कहार पाड़ा में हुए भीषण भू-धंसान ने स्थानीय निवासियों को बुरी तरह प्रभावित किया। सोमवार को इस घटना की गंभीरता को समझने और प्रभावित ग्रामवासियों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए भाजपा नेता और पूर्व मेयर, जितेंद्र तिवारी, घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने वहां हो रही भू-धंसान की स्थिति का जायजा लिया और मीडिया से बातचीत करते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीव्र आलोचना की।
भयावह भू-धंसान की घटना के बाद भाजपा नेता ने कहा कि लगातार हो रही भू-धंसन की घटनाओं के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जितेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि स्थानीय पंचायत, तृणमूल कांग्रेस के नेता और प्रशासन सभी इस मामले में पूरी तरह से बेपरवाह हैं। उन्होंने कहा कि ईसीएल द्वारा संचालित पैच कार्य अवैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है, जिससे आम जनता की जान-माल की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है।
उनके मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में इस इलाके में कई बार भू-धंसान की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन ग्रामवासी आज भी अपनी जान जोखिम में डालकर यहां रहने के लिए मजबूर हैं। तिवारी ने कहा कि आठ वर्ष पहले भी इस इलाके में भू-धंसान की घटना घटित हुई थी, लेकिन उसके बावजूद ग्रामवासियों को उचित पुनर्वास की सुविधा नहीं दी गई। उन्होंने इस मुद्दे को बार-बार उठाने का दावा किया, लेकिन ईसीएल प्रबंधन की ओर से केवल आश्वासन ही मिलता है।
गौरतलब है कि भू-धंसान के कारण करीब 50 फुट चौड़ा और 120 फुट गहरा गोफ बन गया है, जिससे स्थानीय लोग भयभीत हैं। इसके अलावा, भारी बारिश के बाद पास स्थित तेलों तालाब भी पूरी तरह से लबालब भर गया है, जिससे पानी का रिसाव भू-धंसन क्षेत्र तक फैल रहा है और स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
भजपा नेता ने कहा कि ईसीएल प्रबंधन केवल कोयला उत्पादन पर जोर दे रहा है, जबकि न्यू केंदा ओसीपी में हो रही जोरदार ब्लास्टिंग से कभी भी कोई अप्रत्याशित घटना हो सकती है।















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