
आसनसोल : जर्मनी के अंतरराष्ट्रीय फ्रैंकफुर्ट पुस्तक मेले में भारत का प्रतिनिधित्व करने हेतु रूपनारायणपुर डीडी स्कूल के पूर्व छात्र देवायन चट्टोपाध्याय को आमंत्रित किया गया है। देवायन पिछले दो वर्षों से जर्मनी में विज्ञान संबंधी शोध में संलग्न हैं। फ्रैंकफुर्ट पुस्तक मेले के इंडिया नेशनल स्टैंड पर 18 अक्टूबर को वह मुख्य वक्ता और कार्यक्रम के संचालक के रूप में उपस्थित रहेंगे।इस कार्यक्रम में देवायन चट्टोपाध्याय प्रवासी भारतीयों के जर्मनी में रहने के अनुभव और वहां की सांस्कृतिक धरोहर में भारतीयों के योगदान पर चर्चा करेंगे।

उन्हें पैनल में अन्य वक्ताओं के साथ मुख्य वक्ता के रूप में शामिल किया गया है, जिसका आयोजन भारत सरकार के उच्च शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है।एक भारतीय विद्वान के रूप में जर्मनी में अपने अनुभवों को साझा करने के साथ-साथ, देवायन दिल्ली में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले के प्रचार-प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस संदर्भ में, अंतरराष्ट्रीय फ्रैंकफुर्ट पुस्तक मेले का यह सत्र भारत और जर्मनी के सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।देवायन चट्टोपाध्याय, प्रसिद्ध लेखक और शोधक डॉ. अनाथबंधु चट्टोपाध्याय के योग्य पुत्र हैं। उन्होंने रूपनारायणपुर डीडी स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज और फिर खड़गपुर आईआईटी में उच्च अध्ययन किया। उच्च डिग्री और शोध कार्य के लिए वह जर्मनी चले गए, जहां उन्हें विज्ञान विषयक शोध के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ।राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में फ्रैंकफुर्ट पुस्तक मेले में “हम भारत के लोग” शीर्षक के अंतर्गत विभिन्न चर्चा सत्रों का आयोजन किया जाएगा। ये सत्र पुस्तक मेले के इंडिया नेशनल स्टैंड पर आयोजित किए जाएंगे, जिसमें देवायन चट्टोपाध्याय 18 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक मुख्य वक्ता और संचालक के रूप में उपस्थित रहेंगे। यह उपलब्धि रूपनारायणपुर डीडी स्कूल और समस्त औद्योगिक क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
















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