
आसनसोल : आसन्न ग्रीष्म ऋतु के दौरान जल संकट की संभावना एवं उसके निराकरण हेतु पश्चिम बर्दवान जिला शासक कार्यालय में एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले के विभिन्न भागों में पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति एवं संभावित सुधारात्मक उपायों पर विस्तृत विमर्श हुआ।
बैठक की अध्यक्षता पश्चिम बर्दवान के जिला शासक एस. पोन्नाबलम ने की, जिसमें जिला परिषद सभाधिपति विश्वनाथ बाउरी, आठ ब्लॉकों के बीडीओ, ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं जिला प्रशासन के अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत जलापूर्ति कार्यों की समीक्षा
बैठक के उपरांत जिला परिषद सभाधिपति विश्वनाथ बाउरी ने बताया कि गर्मी के दौरान निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन व्यापक स्तर पर प्रयासरत है। इस क्रम में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले के चार ब्लॉकों में जलापूर्ति से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर ये परियोजनाएं पूर्ण हो जाती हैं, तो गर्मियों में जल संकट का समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

मई-जून तक कार्यों के पूर्ण होने का लक्ष्य
सभाधिपति ने स्पष्ट किया कि बैठक के दौरान जलप्रदाय योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि समस्त जलापूर्ति योजनाओं को मई अथवा जून तक पूर्ण कर लिया जाए। साथ ही, उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में जल संकट की संभावना को पूर्णत: समाप्त करने हेतु त्वरित एवं प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए।

जल संकट से निपटने हेतु बहुआयामी उपायों पर बल
इस प्रशासनिक बैठक में जल संरक्षण, भूमिगत जल पुनर्भरण एवं आपातकालीन जलापूर्ति उपायों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को अधूरे कार्यों में गति लाने, जलाशयों की सफाई एवं पंपिंग स्टेशनों की मरम्मत शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, गांवों में हैंडपंपों एवं पाइपलाइन प्रणालियों के उचित रखरखाव पर बल दिया गया।
प्रशासन ने दिया आश्वासन : गर्मी में जल संकट नहीं होगा
अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि गर्मियों में किसी भी परिस्थिति में नागरिकों को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। यदि किसी क्षेत्र में अचानक जल संकट उत्पन्न होता है, तो टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक के निष्कर्ष स्वरूप यह स्पष्ट किया गया कि जल संकट से निपटने हेतु प्रशासनिक अमला पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है। आने वाले दिनों में समीक्षा बैठकों के माध्यम से जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति पर सतत निगरानी रखी जाएगी, ताकि ग्रीष्मकाल के दौरान जिले के प्रत्येक नागरिक को निर्बाध जल आपूर्ति प्राप्त हो सके।















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