
रानीगंज : प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी सिख धर्म के संस्थापक और सिखों के पहले गुरु, साहिब श्री गुरु नानक महाराज जी का 555वां प्रकाश पर्व श्रद्धा और धूमधाम से मनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस संदर्भ में पानागढ़ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सभी आवश्यक तैयारियां आरंभ कर दी हैं।
गत 2 नवंबर से पानागढ़ की समस्त सिख संगत ने मिलकर प्रभात फेरियों का आयोजन आरंभ किया है। प्रतिदिन तड़के, बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, वृद्ध एवं युवा सिख संगत गुरु ग्रंथ साहिब की वाणी का कीर्तन करते हुए सम्पूर्ण क्षेत्र में फेरी निकालते हैं। इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन गुरुद्वारा साहिब में होता है, जहाँ नाश्ते और पानी की व्यवस्था भी की जाती है।

प्रबंधक कमेटी के अनुसार, यह प्रभात फेरियां 12 नवंबर तक संचालित होंगी। इसके पश्चात् अखंड पाठ का आयोजन किया जाएगा, जो इस महापर्व के महत्व को और अधिक बढ़ाएगा। 14 नवंबर को गुरुद्वारा साहिब से एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो सम्पूर्ण बाजार क्षेत्र में भ्रमण करेगी। इस शोभायात्रा का उद्देश्य गुरु नानक देव जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना और सिख समुदाय की एकता को प्रदर्शित करना है।
गुरुनानक देव जी का 555वां प्रकाश पर्व 15 नवंबर को गुरुद्वारा साहिब में धूमधाम से मनाया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में संगत के उपस्थित होने की उम्मीद है। इस पवित्र अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। संगत को इस दिन विशेष प्रसाद भी वितरित किया जाएगा, जो इस पर्व की धार्मिक महत्ता को दर्शाता है।
गुरु नानक देव जी का जीवन और शिक्षाएं आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनकी उपदेशों में मानवता, समानता और सेवा का सिद्धांत समाहित है, जो सिख धर्म के अनुयायियों के लिए मार्गदर्शक है। इस वर्ष का प्रकाश पर्व इस दिशा में एक नया संकल्प लेने का अवसर प्रदान करेगा।

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इस आयोजन की सफलता के लिए व्यापक तैयारी की है। सभी भक्तों से अपील की गई है कि वे इस भव्य आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लें और गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करें।
इस प्रकार, यह पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश भी लेकर आता है। संगत की सक्रिय भागीदारी इस पर्व को और भी विशेष बनाएगी।















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