
आसनसोल : पिकनिक के दौरान अगर मैथन के जंगलों में किसी ने ड्रोन उड़ाया, बिना अनुमति के गहरे जंगल में प्रवेश किया या तस्वीरें खींची, तो उसे कठोर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। वन विभाग ने पिकनिक के मौसम में प्रकृति और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह सख्त नियम लागू किए हैं।
वन विभाग के निर्देशों के अनुसार, जंगल के भीतर माइक बजाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तेज आवाज से वन्यजीवों को कोई परेशानी न हो। इसके अतिरिक्त, पिकनिक के बाद जंगल क्षेत्र में किसी भी प्रकार की प्लास्टिक या थर्मोकोल की वस्तुओं को फेंकने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही, पिकनिक के दौरान जलाए गए चूल्हों की आग को पूरी तरह से बुझाना अनिवार्य किया गया है।

वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में वन्यजीवों को उत्तेजित करना, उनका शिकार करना या जंगल में धूम्रपान करना सख्त मना है। धूम्रपान के कारण जंगल में आग लगने की घटनाओं से सबक लेते हुए इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है।

पिकनिक के दौरान शराब का सेवन करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इस संदर्भ में दुर्गापुर वन विभाग के डीएफओ डॉ. अनुप कुमार खान और आसनसोल टेरिटोरियल रेंज की रेंज ऑफिसर तमालिका चंद्रा ने कहा कि इन नियमों का उद्देश्य पिकनिक मनाने वालों की सुविधा और जंगल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
वन विभाग के अधिकारी लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं, जिसमें लोगों को जंगल और वन्यजीवों के महत्व को समझाने के साथ-साथ नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है। मैथन की प्राकृतिक विविधता को संरक्षित रखने के लिए ये कड़े कदम उठाए गए हैं। पर्यटकों को भी सलाह दी गई है कि वे इन नियमों का पालन कर पिकनिक का आनंद लें और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।















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