
आसनसोल : पश्चिम बर्धमान जिला शासक एस. पोन्नंबलम की अध्यक्षता में आसनसोल-दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (ADDA) के सम्मेलन कक्ष में एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, एडीडीए के चेयरमैन कबी दत्ता, निगमायुक्त सह एडीडीए सीईओ राजू मिश्रा, डीसीपी डॉ. अरविंद आनंद सहित विभिन्न चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का प्रमुख उद्देश्य औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण तथा लंबित प्रशासनिक मसलों के शीघ्र निष्पादन पर चर्चा करना था।
औद्योगिक पहल और प्रशासनिक समाधान
एडीडीए चेयरमैन कबी दत्ता ने बैठक के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में दुर्गापुर में आयोजित सिनर्जी कार्यक्रम के तहत उठाए गए अधिकांश मुद्दों का समाधान हो चुका है। यह बैठक उन्हीं पहलुओं की प्रगति समीक्षा हेतु आयोजित की गई थी। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने औद्योगिक विकास को गति देने वाले प्रमुख अवरोधों को प्रशासन के समक्ष रखा, जिनमें बुनियादी ढांचे की चुनौतियाँ एवं लंबित परियोजनाएँ शामिल रहीं।

सतईसामोड़-राष्ट्रीय राजमार्ग संपर्क मार्ग का निर्माण
व्यापारी वर्ग ने विशेष रूप से सतईसामोड़ से राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाले अधूरे संपर्क मार्ग के शीघ्र निर्माण पर जोर दिया। उद्योगपति पवन गुटगुटिया ने बताया कि नियामतपुर, कुल्टी एवं अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लोगों को सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने हेतु यह सड़क अत्यंत महत्वपूर्ण है। 2022 में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ हुई चेंबर ऑफ कॉमर्स की बैठक में इस परियोजना को स्वीकृति मिली थी, परंतु प्रशासनिक कारणों से निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। इस परियोजना के लिए ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की भूमि पर अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) आवश्यक है, जिस पर शीघ्र निर्णय लेने की आवश्यकता जताई गई।

बर्नपुर एयरपोर्ट को शीघ्र चालू करने की माँग
बैठक में बर्नपुर एयरपोर्ट को शीघ्र चालू करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। विमानों के सुचारु आवागमन में बाधक बने लंबे वृक्षों की कटाई और अन्य तकनीकी अड़चनों को शीघ्र दूर करने की माँग की गई। व्यापारिक प्रतिनिधियों का मानना है कि इस हवाई अड्डे के चालू होने से पश्चिम बर्धमान जिले को औद्योगिक तथा वाणिज्यिक दृष्टि से अत्यधिक लाभ मिलेगा।
दामोदर नदी पर रोड ब्रिज निर्माण पर सहमति
बैठक में दामोदर नदी पर एक नए सड़क पुल के निर्माण को भी महत्वपूर्ण बताया गया। इस पुल के बनने से पश्चिम बर्धमान, बांकुड़ा एवं पुरुलिया जिलों के बीच संपर्क बेहतर होगा, जिससे व्यापार एवं परिवहन सुगम होगा। उद्योग जगत के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी एवं वाणिज्यिक संचार की दक्षता में वृद्धि होगी।
बैठक के अंत में प्रशासनिक अधिकारियों ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि उनकी माँगों पर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक और वाणिज्यिक विकास को नए आयाम मिल सकें।















Users Today : 17
Users Yesterday : 23