
दुर्गापुर : बर्दवान-दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आज़ाद ने केंद्र सरकार पर फर्जी औषधि व्यापार को प्रश्रय देने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देशभर में हजारों लोग नकली दवाओं के कारण असमय मृत्यु को प्राप्त हो रहे हैं, किंतु केंद्र सरकार इस विषय पर निष्क्रिय बनी हुई है। उन्होंने इस प्रकरण को जनस्वास्थ्य के प्रति केंद्र सरकार की गंभीर लापरवाही करार देते हुए इसे न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता वाला विषय बताया।
शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में सांसद कीर्ति आज़ाद ने केंद्र सरकार की औषधि अनुमोदन नीति पर प्रश्नचिह्न खड़ा करते हुए कहा कि जिन कंपनियों को औषधि निर्माण के लिए लाइसेंस दिया जाता है, वही कंपनियां नकली औषधियों के वितरण में संलिप्त हैं। उन्होंने कहा कि रोगियों को गुणवत्ताहीन औषधियां दी जा रही हैं, जिससे उनकी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं और मृत्यु तक हो रही है। किंतु इसके लिए दोष डॉक्टरों पर मढ़ा जा रहा है, जबकि वास्तविक दोषी केंद्र सरकार और औषधि नियंत्रण निकाय हैं।
उन्होंने आश्वासन दिया कि वह इस महत्वपूर्ण विषय पर संघर्षरत रहेंगे और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का भी सहारा लेंगे।

ईएसआई अस्पताल को मिली आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं
सांसद कीर्ति आज़ाद, पश्चिम बंगाल सरकार के कानून, न्याय और श्रम मंत्री मलय घटक के साथ दुर्गापुर ईएसआई अस्पताल में 20 शय्या क्षमता वाले क्रिटिकल केयर यूनिट एवं सी-आर्म मशीन के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित हुए। उन्होंने बताया कि दुर्गापुर एक औद्योगिक क्षेत्र है, जहां हजारों श्रमिक कार्यरत हैं। कार्यस्थल पर दुर्घटनाएं सामान्य बात हैं, किंतु अब तक गंभीर रूप से घायलों के उपचार हेतु उन्नत सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।
उन्होंने कहा कि पहले गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को निजी चिकित्सालयों में स्थानांतरित करना पड़ता था, जिससे उनके उपचार में देरी होती थी एवं आर्थिक बोझ भी बढ़ता था। किंतु नवीन क्रिटिकल केयर यूनिट एवं अत्याधुनिक सी-आर्म मशीन की स्थापना से अब आपातकालीन उपचार त्वरित रूप से संभव होगा। सी-आर्म मशीन की सहायता से शल्यक्रिया के दौरान अस्थि और ऊतक क्षति की स्थिति को सटीक रूप से पहचाना जा सकेगा, जिससे शल्यक्रिया अधिक प्रभावी और शीघ्रता से की जा सकेगी।

इस अवसर पर मंत्री मलय घटक ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में जितने मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल निर्मित किए गए हैं, उतने किसी अन्य राज्य में नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत श्रमिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है, जिसके चलते केंद्र सरकार भी पश्चिम बंगाल को प्रतिवर्ष 50 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है।
कार्यक्रम में प्रशासनिक मंडल की चेयरपर्सन अनिंदिता मुखोपाध्याय, उपाध्यक्ष अमिताभ बनर्जी, सदस्य दीपंकर लाहा, पूर्व मेयर परिषद सदस्य प्रभात चटर्जी, ईएसआई अस्पताल के अधीक्षक दीपांजन बक्सी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।















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