
कुल्टी : 1 अक्टूबर, 2024 को नई दिल्ली स्थित स्कोप कन्वेंशन सेंटर में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला एवं हितधारकों के परामर्श का आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें कोयला और लिग्नाइट खदानों हेतु ‘स्टार रेटिंग पुरस्कार’ समारोह भी सम्मिलित था। यह आयोजन भारत सरकार के कोयला मंत्रालय द्वारा प्रारंभ की गई एक विशेष पहल का हिस्सा था, जिसमें केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी किशन रेड्डी और कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे की विशिष्ट उपस्थिति रही।

इस अवसर पर दोनों मंत्रियों ने कोयला क्षेत्र में सहभागी सहयोग और नवाचार की महत्ता पर बल दिया। कार्यशाला का आयोजन विभिन्न नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों एवं परिचालन अधिकारियों के लिए एक बहुमूल्य मंच के रूप में सिद्ध हुआ, जिसमें एमडीओ मॉडल के अंतर्गत नवोन्मेषी संभावनाओं एवं साझेदारी के माध्यम से उन्नति के विविध पहलुओं पर गहन विमर्श किया गया।
कार्यशाला की संरचना चार मुख्य सत्रों के इर्द-गिर्द की गई, जिनमें निविदा, अनुबंध, निवेश, वित्तपोषण एवं भुगतान से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई। वैधानिक अनुमतियों एवं स्वीकृतियों, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आर एंड आर) और जस्ट ट्रांसफॉर्मेशन जैसे विषय भी चर्चा का प्रमुख अंग रहे। कार्यशाला के दौरान, प्रत्येक सत्र में संवादात्मक चर्चा के माध्यम से हितधारकों के समक्ष विद्यमान व्यावहारिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया।

उक्त कार्यशाला में प्रमुखता से उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में कोयला मंत्रालय के सचिव, अतिरिक्त सचिवगण एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी, कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, और कोल इंडिया की सहायक कंपनियों के सीएमडी व अन्य उच्चाधिकारी सम्मिलित थे। इस आयोजन में कोयला मंत्रालय के अधीन अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ-साथ एमडीओ कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं वरिष्ठ प्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम के दौरान साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की केतकी एक्सपेंशन यूजी माइन एवं सियारमल में कोल इंडिया लिमिटेड की प्रथम ओपनकास्ट एमडीओ परियोजना की सफलता की कहानियों को दर्शाते हुए विशेष लघु फिल्में प्रस्तुत की गईं।
ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के निदेशक (तकनीकी) श्री नीलाद्री रॉय ने ‘भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन और उचित परिवर्तन’ पर अपने सत्र के दौरान एमडीओ परियोजनाओं के कार्यान्वयन में उत्पन्न होने वाली विसंगतियों, भूमि अधिग्रहण के अधिकार पत्रों एवं वन भूमि अनुपालन से संबंधित जटिलताओं पर विशद प्रकाश डाला। उन्होंने आर एंड आर ढांचे की जमीनी प्रभावशीलता सुनिश्चित करने हेतु उचित स्वामित्व हस्तांतरण एवं मौजूदा मानव संसाधन के समुचित उपयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में, भारत की कोयला निर्देशिका 2023-24 का विमोचन हुआ। तत्पश्चात, स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह में ईसीएल की झांझरा परियोजना कोलियरी एवं सोनपुर बाजारी ओपनकास्ट खदान को 5 स्टार की श्रेणी में सम्मानित किया गया। यह सम्मान ईसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री समीरन दत्ता, निदेशक (तकनीकी) श्री नीलाद्री रॉय एवं संबंधित क्षेत्र के महाप्रबंधकों ने ग्रहण किया।















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