
आसनसोल : पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुरुवार को आसनसोल नगर निगम में मेयर विधान उपाध्याय के चेंबर में सफाई कर्मियों की वेतन वृद्धि से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेयर विधान उपाध्याय, चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी, सेनेटरी विभाग के एमएमआईसी मानस दास, गुरुदास चटर्जी, निगम कमिश्नर राजू मिश्रा समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सफाई कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ नगर निगम पदाधिकारियों ने विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान सफाई कर्मियों की कुछ मांगों को स्वीकार कर लिया गया, जिसमें उन्हें ईएसआई, प्रोविडेंट फंड और परिचय पत्र प्रदान करने का निर्णय शामिल था। हालांकि, वेतन वृद्धि को लेकर दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी। सफाई कर्मियों ने अपने वेतन को कम से कम ₹15,000 मासिक करने की मांग की। वहीं, नगर निगम ने वर्तमान दैनिक वेतन ₹347 को बढ़ाकर अधिकतम ₹393 करने का प्रस्ताव दिया।

नगर निगम के इस प्रस्ताव को सफाई कर्मियों ने सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि वे ₹393 प्रतिदिन के वेतन पर किसी भी हालत में काम नहीं करेंगे। उनका वेतन ₹15,000 मासिक किया जाना अनिवार्य है। बैठक में सफाई कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने इस विषय पर स्पष्ट रूख अपनाया और वेतन बढ़ाने की मांग पर अड़े रहे।
नगर निगम परिसर में मौजूद सैकड़ों सफाई कर्मियों को जब यह जानकारी मिली कि उनकी वेतन वृद्धि की मांग को नगर निगम ने ठुकरा दिया है, तो उन्होंने आंदोलन तेज कर दिया। प्रदर्शनकारी कर्मियों ने नगर निगम परिसर में जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर आक्रोश व्यक्त किया।

सफाई कर्मियों के आंदोलन के कारण नगर निगम की चिंता बढ़ गई है। आंदोलन का प्रभाव शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाएगी, वे शांत नहीं बैठेंगे।
सफाई कर्मियों के इस आंदोलन ने नगर निगम प्रशासन के समक्ष गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना यह है कि नगर निगम किस प्रकार इस समस्या का समाधान निकालता है।















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