
आसनसोल : पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा आसनसोल के रवींद्र भवन में आयोजित तीन दिवसीय बाल चलचित्र महोत्सव के उद्घाटन से पूर्व ही विवाद उत्पन्न हो गया है। इस विवाद का मूल कारण महोत्सव के निमंत्रण पत्र में आसनसोल नगर निगम के मेयर एवं चेयरमैन का नाम अनुपस्थित होना है, जिससे राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ गई है।

यह महोत्सव राज्य सरकार की पहल पर नगर निगम क्षेत्र के प्रतिष्ठित रवींद्र भवन में आयोजित किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ कल होना प्रस्तावित है। किंतु, निमंत्रण पत्र में नगर निगम के शीर्षस्थ पदाधिकारियों के नाम शामिल न किए जाने से विपक्ष ने इसे तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक मतभेद की संज्ञा दी है। कांग्रेस नेता प्रसेनजीत पुईतुंडी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, “टीएमसी के भीतर गुटबाजी अब कोई छुपी हुई बात नहीं रह गई है। पहले विपक्षी दलों के नेताओं को सरकारी कार्यक्रमों से दूर रखा जाता था, किंतु अब तो स्वयं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को ही दरकिनार किया जा रहा है। यह आंतरिक कलह का जीवंत उदाहरण है।”

इस विवाद पर जब आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय से प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने इसे अनावश्यक तूल न देने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया, “यह राज्य सरकार का कार्यक्रम है। निमंत्रण पत्र में किन्हें स्थान दिया गया है और किन्हें नहीं, यह कोई विशेष महत्व नहीं रखता। मैं स्वयं कार्यक्रम में उपस्थित रहूंगा।” साथ ही, उन्होंने पार्टी में किसी प्रकार की गुटबाजी की संभावनाओं को भी सिरे से खारिज कर दिया।
नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने भी इस विषय पर मेयर की ही भांति प्रतिक्रिया दी। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “शायद निमंत्रण पत्र में स्थान पाने वाले हमसे अधिक कर्मठ एवं महत्वपूर्ण व्यक्ति होंगे।” उन्होंने भी कार्यक्रम में सम्मिलित होने की बात दोहराई।

इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्षी दलों का मत है कि तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक टकराव का यह प्रत्यक्ष प्रमाण है, जबकि टीएमसी नेताओं ने इसे मात्र एक प्रशासनिक त्रुटि बताकर टालने का प्रयास किया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस महोत्सव के मंच से राजनीतिक समीकरणों में कोई नया मोड़ आता है या नहीं।















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