
बर्नपुर : नीरज सिंह की गिरफ्तारी के बाद आसनसोल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर चंद्र कुंडू ने मीडिया से बातचीत में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उनके बयान से जमीन माफियाओं के काले कारोबार का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि किस तरह से बर्नपुर के नरसिंहबांध मौजा की जमीन को लेकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।

फर्जी दस्तावेजों से जमीन पर कब्जा
अधिवक्ता कुंडू ने बताया कि नरसिंहबांध मौजा का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, जिसका गलत फायदा उठाकर कुछ लोग फर्जी दस्तावेज तैयार कर खाली प्लॉट को बेच रहे हैं। फर्जी कागजातों के जरिए न केवल जमीन खरीदी-बेची जा रही है, बल्कि दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षर भी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई मामलों में 2016 में म्यूटेशन कराकर 2022 में जमीन बेची गई, जिससे साफ पता चलता है कि एक बड़े घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है।
प्रशासन और सरकारी विभागों की भूमिका पर सवाल
वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि इस पूरे खेल में सरकारी विभागों की मिलीभगत भी सामने आ रही है। आईएसपी (इस्पात संयंत्र) और रेलवे द्वारा अधिग्रहित की गई जमीनों पर भी अवैध कब्जा कर लिया गया है। आमबागान, वैष्णवबांध और पार्क के आसपास की जमीनों को आईएसपी और बीएलआरओ कार्यालय की सांठगांठ से घेरा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलआरओ कार्यालय से सर्टिफाइड कॉपी तक नहीं दी जा रही, जिससे स्पष्ट है कि अंदरखाने में बड़ी साजिश चल रही है।

नीरज सिंह से पूछताछ में हो सकते हैं अहम खुलासे
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने नीरज सिंह को रिमांड पर लिया है। अधिवक्ता कुंडू का मानना है कि इस पूछताछ के दौरान जमीन घोटाले से जुड़े कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। अगर सही तरीके से जांच की गई, तो इस मामले में कई रसूखदार लोगों की नींद उड़ सकती है।
सरकार और प्रशासन के लिए चुनौती
इस खुलासे के बाद राज्य सरकार, सेल आईएसपी और अन्य संबंधित सरकारी विभागों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या इस जमीन घोटाले की निष्पक्ष जांच होगी या फिर इसे दबाने की कोशिश की जाएगी।















Users Today : 19
Users Yesterday : 23