
आसनसोल : पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दूसरे राज्यों में आलू के परिवहन पर रोक लगाए जाने के बावजूद झारखंड सीमा पर आलू तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने डुबुरडीही चेकपोस्ट पर एक ट्रक जब्त किया, जिसमें बड़ी मात्रा में आलू लदा हुआ था। ट्रक चालक ने पशु चारे और अन्य वस्तुओं के नकली दस्तावेजों के आधार पर सीमा पार करने का प्रयास किया। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तस्करों का संगठित गिरोह फर्जी चालानों के सहारे पश्चिम बंगाल से आलू को झारखंड पहुंचाने की कोशिश कर रहा था। चेकपोस्ट पर नियमित निगरानी के दौरान पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली और दस्तावेजों की जांच की, जिससे तस्करी की साजिश का खुलासा हुआ। यह मामला पश्चिम बंगाल-झारखंड सीमा पर आलू तस्करी की बढ़ती गतिविधियों की ओर गंभीर संकेत देता है।

यह पहली बार नहीं है जब आलू तस्करी का ऐसा मामला सामने आया हो। इससे पहले बाराबनी थाना क्षेत्र के रुनाकुड़ाघाट इलाके में भी आलू से लदे ट्रक को पकड़ा गया था। तब भी नकली दस्तावेजों के जरिए आलू को झारखंड ले जाने की कोशिश की गई थी।
राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल में आलू की कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से अन्य राज्यों में आलू के परिवहन पर रोक लगाई है। इसके बावजूद बाजार में आलू की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। वहीं, इस प्रतिबंध का असर पड़ोसी राज्यों झारखंड और बिहार में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जहां आलू की आपूर्ति बाधित होने के कारण कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है।

डुबुरडीही चेकपोस्ट पर पकड़े गए ट्रक के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और तस्करों के नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की तस्करी न केवल सरकारी नीतियों को विफल करने का प्रयास है, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
आलू तस्करी के इस बढ़ते चलन ने राज्य सरकार और प्रशासन को सतर्क कर दिया है। अब आवश्यकता है कि निगरानी को और सख्त किया जाए, ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जा सके।















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