
जामुड़िया : औद्योगिक प्रदूषण से त्रस्त धनसाना गांव के पुरुषों और महिलाओं ने श्याम एम पावर लिमिटेड फैक्ट्री के समक्ष सशक्त धरना दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाले जहरीले धुएं और अपशिष्ट ने स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर कर दिया है।
प्रदूषण से त्रस्त ग्रामीण, प्रबंधन पर लगाया उपेक्षा का आरोप
गांव की महिलाओं का कहना है कि फैक्ट्री से उत्सर्जित धुआं और रासायनिक कण न केवल स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे रहे हैं बल्कि वातावरण को भी गंभीर रूप से दूषित कर रहे हैं। अनगिनत शिकायतों और विनती के बावजूद फैक्ट्री प्रबंधन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके चलते ग्रामीणों को विरोध प्रदर्शन का मार्ग अपनाना पड़ा।

फैक्ट्री प्रबंधन से वार्ता पर अड़ा जनसैलाब
धरना प्रदर्शन के दौरान प्रबंधन का कोई भी अधिकारी वार्ता के लिए उपस्थित नहीं हुआ, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश और गहरा गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक प्रबंधन स्थिति स्पष्ट नहीं करता और ठोस समाधान नहीं निकालता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

पुनर्वास या प्रदूषण नियंत्रण की मांग
स्थानीय निवासी विश्वनाथ मुखर्जी ने बताया कि गांव की महिलाओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फैक्ट्री के मालिक पक्ष से संपर्क साधा। इसके तहत प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच वार्ता का निर्णय लिया गया, जो अगले दिन दोपहर में होगी। ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि या तो फैक्ट्री प्रदूषण नियंत्रण के कड़े उपाय करे या फिर उन्हें पुनर्वास की व्यवस्था दे। यदि पुनर्वास प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो अगले सप्ताह से इसकी प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए।
फैक्ट्री से उत्पन्न प्रदूषण के विरुद्ध धनसाना गांव के लोगों का संघर्ष निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रबंधन उनकी मांगों पर कितना गंभीर होता है और क्या समाधान प्रस्तुत करता है।















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