दुर्गापुर : चंडीदास बाजार में रात्रि को “हिंदू हिंदू भाई भाई, 26 में बीजेपी को चाहिए” लिखित बैनरों की अचानक उपस्थिति से संपूर्ण क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इस घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही राजनीतिक हलकों में उथल-पुथल प्रारंभ हो गई तथा स्थानीय स्तर पर तीव्र चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

उल्लेखनीय है कि हाल के सप्ताहों में राज्य के विभिन्न अंचलों में इसी प्रकार के नारों युक्त पोस्टर एवं बैनर दृष्टिगोचर हो रहे हैं, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रणनीतिक गतिविधियों का हिस्सा प्रतीत हो रहे हैं। पार्टी की जनसभाओं में भी समान नारे लगाए जा रहे हैं, जिससे राजनीतिक वातावरण में तीव्र विवाद उत्पन्न हो गया है। किंतु चंडीदास बाजार में लगाए गए इन विशिष्ट बैनरों के संदर्भ में अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इनका संकलन एवं प्रदर्शन किसने किया।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के जिला महासचिव सुजीत मुखर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस को पराजित करने हेतु धर्म के आधार पर जनभावनाओं को उत्तेजित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि भाजपा में साहस है तो दिन के प्रकाश में ऐसे बैनर लगाए। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में पराजय के भय से इस प्रकार के हथकंडे अपना रही है।
इस पर भाजपा के संगठनात्मक जिला सह-अध्यक्ष चंद्रशेखर बनर्जी ने प्रत्युत्तर देते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस विशेष समुदाय को तुष्ट कर राज्य में सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता तृणमूल कांग्रेस की नीतियों से असंतुष्ट होकर स्वतःस्फूर्त विरोध प्रदर्शन कर रही है तथा राज्यव्यापी स्तर पर यह आंदोलन तेजी पकड़ रहा है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें भाजपा की शक्ति पर संदेह है, तो वे शीघ्र ही पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र में इसी प्रकार के पोस्टर प्रदर्शित कर अपनी उपस्थिति सिद्ध करेंगे।

इस घटनाक्रम के चलते दुर्गापुर का राजनीतिक वातावरण अत्यधिक गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कुचेष्टा निरूपित कर रही है, जबकि भाजपा इसे तृणमूल कांग्रेस की नीतियों के प्रति जनाक्रोश का प्रकटीकरण बता रही है। इस संदर्भ में पुलिस प्रशासन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया एवं बैनरों को लगाने वाले अज्ञात तत्वों का पता लगाने हेतु जांच प्रारंभ कर दी है। स्थानीय नागरिकों के मध्य भी इस विषय को लेकर तीव्र संवाद स्थापित हो चुका है, जिससे राजनीतिक तापमान में निरंतर वृद्धि हो रही है।















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