
आसनसोल : सरकारी जमीन और तालाब भराई के संगीन मामले में गिरफ्तार एहतेराम आज़मी उर्फ विल्सन और दिनेश गोराई को पुलिस रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद गुरुवार को आसनसोल कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान विल्सन ने पूछताछ में स्वीकार किया कि सरकारी भूमि और तालाबों को अवैध तरीके से भराई कर फर्जी कागजात तैयार करके आम लोगों को बेचने वाले इस संगठित गिरोह का सरगना दिनेश गोराई है। मामले की जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह में अन्य कई प्रभावशाली नाम शामिल हैं, जिनमें श्यामल कृष्ण राय, तापस नंदी, मोहम्मद कलीमुद्दीन, और इमरोज़ आज़मी प्रमुख हैं। ये सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं।

सूत्रों का कहना है कि आसनसोल और रेलपार इलाकों में गिरोह के अन्य सदस्यों की सक्रियता पर भी पुलिस की निगाहें हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने कई संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी हुई है, लेकिन इनमें से कई आरोपी भूमिगत हो गए हैं।
पुलिस सूत्रों ने यह भी जानकारी दी कि इस गिरोह के संचालन का मुख्य उद्देश्य सरकारी भूमि और तालाबों पर कब्जा कर अवैध निर्माण करना और फिर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचना था। यह गिरोह लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था और स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रहा था।
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने इस मामले को तोलाबाजी और भूमि अतिक्रमण के बढ़ते मामलों पर सख्ती से नकेल कसने के लिए प्राथमिकता दी है। यह भी संभावना है कि मामले में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके गिरोह का पर्दाफाश क्षेत्र में अवैध भूमि कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मामले की आगे की जांच जारी है, और पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।















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