
चित्तरंजन : चित्तरंजन स्थित आर-साइट क्षेत्र के 4 नंबर रोड स्थित 8/बी क्वार्टर में एक बड़ी चोरी की वारदात टल गई। इस घटना का श्रेय उस सतर्क मार्ग-कुत्ते ‘बालू’ को जाता है, जिसने अपनी असामान्य गतिविधियों से चोरी की साजिश को नाकाम कर दिया।
घटना 17 मार्च की है, जब अपराधियों ने पहले 85 नंबर रोड के 11/बी क्वार्टर में सेंध लगाई थी। इसके बाद, वे 4 नंबर रोड स्थित 8/बी क्वार्टर को निशाना बनाने पहुंचे। तभी पास के 8/ए क्वार्टर में रहने वाली सोमा सरकार के पालतू कुत्ते बालू ने तेज भौंकना शुरू कर दिया। उसकी उत्तेजित भौंक सुनकर सोमा देवी बाहर आईं और देखा कि चार अजनबी व्यक्ति पड़ोसी क्वार्टर के मुख्य द्वार का ताला तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

जब सोमा देवी ने उनसे पूछताछ की, तो उन्होंने स्वयं को आईओडब्ल्यू (इंजीनियरिंग विभाग) के कर्मचारी बताते हुए कहा कि वे लकड़ी का काम करने आए हैं। लेकिन जब उनसे मालिक की गैरमौजूदगी में प्रवेश करने का कारण पूछा गया, तो वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। बालू के लगातार भौंकने और आक्रामक रुख के कारण वे असहज हो गए। इस बीच, उनमें से एक बाइक चालू अवस्था में तैयार रखे था, जिससे उनकी मंशा संदिग्ध लग रही थी।

स्थिति बिगड़ती देख अपराधी जल्दबाजी में वहां से फरार हो गए, जिससे 8/बी क्वार्टर संभावित चोरी से बच गया। क्वार्टर के स्वामी गौतम महांति, जो उस समय सपरिवार गढ़बेटा गए हुए थे, ने राहत व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने जिस व्यक्ति को घर की देखरेख के लिए नियुक्त किया था, वह अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यदि बालू सतर्क न होता, तो इस चोरी को रोकना असंभव था।

सोमा देवी ने बताया कि बालू को उन्होंने 9 वर्ष पूर्व सड़क से उठाकर पाला था, और आज वह उनके परिवार का अभिन्न हिस्सा बन गया है। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि निष्ठावान पशु संकट के समय कितने सहायक हो सकते हैं।















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