
आसनसोल : एक माह के भीतर आसनसोल नगर निगम के खाते से साइबर ठगी के जरिए निकाले गए 40 लाख रुपये वापस लौट आए। इस रकम को मध्य प्रदेश के एक बैंक खाते में स्थानांतरित किया गया था। आसनसोल साइबर थाना और बैंक अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई से इस धनराशि की वापसी संभव हो सकी। यह घटना नगर निगम के लिए राहत की खबर लेकर आई है।
नगर निगम के कानूनी सलाहकार, सुदीप्त घटक ने जानकारी दी कि 40 लाख रुपये में से 12 लाख रुपये पहले ही रोके जा चुके थे, जबकि शेष 28 लाख रुपये मध्य प्रदेश के एक अन्य बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए गए थे। ठगी की यह घटना 2022 में रद्द किए गए एक पुराने चेक के माध्यम से की गई थी।

घटना का खुलासा 28 अक्टूबर 2024 को हुआ, जब आसनसोल के एक सरकारी बैंक से 40 लाख रुपये की निकासी की गई। अगले दिन बैंक मैनेजर पुरुषोत्तम कुमार ने नगर निगम को इसकी सूचना दी। हैरानी की बात यह रही कि इस बड़ी राशि के निकासी की जानकारी नगर निगम के अधिकारियों को नहीं थी। जांच में पता चला कि ठगों ने निगम के नकली लेटरहेड का इस्तेमाल कर बैंक में दर्ज निगम के फोन नंबर को बदलवा दिया और अपने नंबर जोड़ लिए।
शिकायत मिलने पर आसनसोल साइबर थाना की पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मध्य प्रदेश के अनूपपुर से माधव सारोगी और प्रियांशु साहू नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से एक आरोपी मध्य प्रदेश और दूसरा छत्तीसगढ़ का निवासी है।

यह साइबर ठगी नगर निगम और आम जनता दोनों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। ठगी की इस साजिश ने डिजिटल सुरक्षा और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित किया है। निगम के अधिकारियों ने साइबर थाना और बैंक अधिकारियों के सहयोग की सराहना की और कहा कि यह मामला साइबर अपराधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है।
नगर निगम के लिए यह घटना वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर देती है। अदालत में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।















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