
आसनसोल : शिल्पांचल के विभिन्न क्षेत्रों में लोक आस्था का महापर्व चैती छठ अत्यंत श्रद्धा, भक्तिभाव एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो रहा है। परंपरागत नियमों का पालन करते हुए छठ व्रतियों ने पहले संध्या अर्घ्य में अस्ताचलगामी सूर्यदेव को नमन कर अर्घ्य अर्पित किया। नदियों, सरोवरों एवं कृत्रिम जलकुंडों के तट पर व्रतियों एवं श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा।

आस्था का महासंगम, भक्तिभाव की अद्वितीय छटा
लोक परंपरा एवं सनातन संस्कृति के इस अनुपम पर्व के अवसर पर घाटों को भव्य रूप से सजाया गया। धार्मिक भजनों एवं छठ गीतों की मधुर गूंज से सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु भगवान भास्कर एवं छठी मइया की आराधना में लीन रहे। छठ व्रतियों ने कड़े नियमों का पालन करते हुए कठिन उपवास के साथ पवित्रता, श्रद्धा एवं समर्पण भाव से सूर्योपासना की।

प्रशासनिक व्यवस्था एवं सुरक्षा चाक-चौबंद
भीड़ को नियंत्रित करने हेतु प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। घाटों पर पुलिस बल की तैनाती, चिकित्सा सुविधा एवं सफाई अभियान को लेकर विशेष इंतजाम किए गए।

कल उदीयमान सूर्य को अर्पित होगा दूसरा अर्घ्य
अध्र्यदान के इस महापर्व में कल प्रातःकाल व्रती जन उगते हुए सूर्यदेव को नमन कर दूसरा एवं अंतिम अर्घ्य अर्पित करेंगे। इसके पश्चात परायण कर पारंपरिक विधि-विधान के साथ छठ व्रत का समापन होगा।














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