
दुर्गापुर : दुर्गापुर स्थित एक निजी इस्पात कारखाने एस.पी.एस. के द्वार पर गुरुवार प्रातःकालीन वेला में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) एवं तृणमूल श्रमिक संगठन के अनुयायियों के मध्य उग्र संघर्ष छिड़ गया। स्थिति इस स्तर तक विकराल हो उठी कि पुलिस की उपस्थिति में ही दोनों पक्षों के मध्य हाथापाई आरंभ हो गई, जिससे समूचे क्षेत्र में संवेगशील वातावरण उत्पन्न हो गया।
विगत 2019 में उक्त कारखाने की प्रथम इकाई के संचालन को स्थगित कर दिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप 126 श्रमिक रोजगारविहीन हो गए। सीपीएम कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बीते पांच वर्षों से श्रमिकों की पुनर्बहाली हेतु किसी भी प्रकार की ठोस पहल नहीं की गई, जिससे वे आजीविका के संकट से ग्रस्त हैं। इसी आशय को लेकर गुरुवार को वे कारखाने के प्रवेशद्वार पर एकत्र हुए एवं तीव्र विरोध प्रदर्शन प्रारंभ किया।

सीपीएम समर्थकों के अनुसार, जब वे अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे, उसी समय तृणमूल कांग्रेस समर्थित श्रमिक संगठन के कार्यकर्ता वहां पहुंच गए एवं उनका विरोध करने लगे। परस्पर वाद-विवाद तीव्र हुआ और देखते ही देखते विवाद धक्कामुक्की एवं मारपीट में परिवर्तित हो गया। उल्लेखनीय तथ्य यह रहा कि पुलिस की उपस्थिति के बावजूद सीपीएम कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया गया।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तृणमूल श्रमिक संगठन के नेता बिष्टी पाल ने किसी भी प्रकार की हिंसात्मक गतिविधि से इंकार किया। उनका कथन है कि सीपीएम कार्यकर्ता अनुचित रूप से विवाद उत्पन्न कर श्रमिकों को भड़काने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं।

इस उग्र संघर्ष की सूचना मिलते ही न्यू टाउनशिप थाना पुलिस दल-बल सहित घटनास्थल पर पहुंची एवं दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, क्षेत्र में अभी भी तनाव व्याप्त है, जिस पर नियंत्रण बनाए रखने हेतु पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
संघर्ष के उपरांत सीपीएम कार्यकर्ताओं ने कारखाने के समक्ष सभा का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने प्रबंधन से श्रमिकों की शीघ्र पुनर्बहाली की मांग की। पुलिस संपूर्ण प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही है एवं दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है।















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