पूर्व बर्दवान : गुराप और जौग्राम रेलवे स्टेशनों के मध्य एक दुर्लभ तकनीकी त्रुटि के चलते गंभीर रेल दुर्घटना होते-होते बची। इस घटना ने यात्रियों में हड़कंप मचा दिया और रेलवे प्रबंधन की सतर्कता पर प्रश्न खड़े किए हैं। सूत्रों के अनुसार, हावड़ा से शांतिनिकेतन एक्सप्रेस जैसे ही गुराप स्टेशन पार कर रही थी, उसे हरा सिग्नल मिला। किन्तु अनभिज्ञता में वह उसी ट्रैक पर बढ़ने लगी जिस पर पहले से इंजन फेल होने के कारण एक मालगाड़ी खड़ी थी।
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शांतिनिकेतन एक्सप्रेस के ड्राइवर ने सामने खड़ी मालगाड़ी को देख लिया और कुशलता व तेजी से ब्रेक लगाकर संभावित दुर्घटना को टाल दिया। रेलवे विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी तकनीकी चूक अत्यंत गंभीर हो सकती थी, यदि ड्राइवर ने समय पर सावधानी नहीं बरती होती।
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना प्रातः 10:40 बजे घटित हुई। गुराप स्टेशन से कुछ दूर मालगाड़ी का इंजन फेल हो गया था, जिससे वह रुक गई। हालांकि, अज्ञात कारणों से सिग्नल हरा कर दिया गया, जिससे शांतिनिकेतन एक्सप्रेस उसी लाइन में प्रवेश कर गई। ट्रेन के चालक ने तत्परता से स्थिति को संभाला, परंतु इस त्रुटि ने यात्रियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
प्रश्न उठता है कि जब लाइन पर मालगाड़ी खड़ी थी तो सिग्नल हरा कैसे दिया गया? इस त्रुटि के कारण शांतिनिकेतन एक्सप्रेस को लगभग डेढ़ घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ी, जिससे यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ी। रेलवे अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएंगी।
रेलवे के बयानानुसार, यह घटना रेलवे प्रणाली में एक साधारण तकनीकी गड़बड़ी मानी जा रही है। सूचना मिलते ही मसाग्राम से एक बचाव इंजन भेजा गया, जो 12:10 बजे जौग्राम स्टेशन पहुँचा और शांतिनिकेतन एक्सप्रेस को नए इंजन के साथ 12:32 बजे गंतव्य की ओर रवाना किया गया। इस घटना ने रेलवे सुरक्षा के प्रति नवीन विचारों और उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि बनी रहे।















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