

आसनसोल : नवंबर माह के आगमन से पहले ही शरद ऋतु की ठिठुरन ने आसनसोल के जनजीवन पर प्रभाव डालना प्रारंभ कर दिया है। सोमवार को इस शीतल बयार के साथ ही कोहरे का प्रथम दर्शन भी हुआ, जिसने समूचे नगर को अपनी सफेद चादर में लपेट लिया। सोमवार की प्रातः जब नगरवासी घरों से बाहर निकले, तो समूचा वातावरण धुंध की चपेट में आ चुका था, मानो कोहरे ने समूचे नगर को अपने बाहुपाश में बांध लिया हो। इस अप्रत्याशित कोहरे के कारण मुख्य मार्गों पर दृश्यता अत्यंत न्यून हो गई थी, जिसके फलस्वरूप वाहनचालकों को असाधारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

कोहरे की घनी परतें और परिवेश की नीरवता ने वाहनचालकों को विवश कर दिया कि वे अपने वाहनों की हेडलाइट जलाकर एवं अत्यधिक धीमी गति से अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें। चाहे वह विशालकाय भारी वाहन हो अथवा दोपहिया वाहन, सभी चालकों के लिए यह धुंध एक दुष्कर चुनौती बन गई थी। अधिकांश चालक असुरक्षित परिवेश से सतर्क रहते हुए अपनी वाहनों की गति नियंत्रित रखते दिखाई दिए, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। स्थिति की विकटता का अनुमान इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि लगभग 10 फीट के दायरे में भी किसी व्यक्ति या घर की पहचान कर पाना दुष्कर हो गया था।

आसनसोल की सड़कों पर यह कोहरा प्रातःकालीन 6 बजे के आसपास अपने चरम पर था। चारों ओर पसरी धुंध ने एक विचित्र शीतल और सांध्यक वातावरण निर्मित कर दिया था। इस अप्रत्याशित कोहरे ने नगरवासियों को नवम्बर माह के पूर्वार्ध में ही शीत ऋतु के आगमन का पूर्वाभास दे दिया। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया और सूर्य की किरणों ने इस कोहरे की आवरण को भेदना प्रारंभ किया, वैसे-वैसे वातावरण में कोहरे का प्रभाव घटता गया। सूर्य के प्रकाश के प्रभावी होने के साथ ही ठंडक में भी कुछ कमी अनुभव हुई।
कोहरे के इस प्रथम दर्शन ने नगरवासियों को सचेत कर दिया है कि अब शीतलहर के आगमन के साथ-साथ कोहरे की अनवरत उपस्थिति का सामना करना पड़ सकता है। यद्यपि प्रातःकालीन कोहरे ने नगरवासियों को सौंदर्य की एक अद्भुत अनुभूति प्रदान की, किंतु इससे यातायात में उत्पन्न अवरोध और दृश्यता में कमी के कारण सावधानी की आवश्यकता स्पष्ट होती है। अब यह देखना शेष है कि यह शीत ऋतु नगर में और क्या-क्या परिवर्तनों को आमंत्रित करेगी।















Users Today : 29
Users Yesterday : 22