
पूर्व बर्दवान : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पश्चात् प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाए हैं। बर्धमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सुरक्षा प्रबंधन का गंभीरता से निरीक्षण करने हेतु जिला पुलिस के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने दौरा किया। पिछले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि स्कूलों और अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था हेतु सिविक वालंटियर्स की नियुक्ति नहीं की जा सकती। राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे संवेदनशील स्थलों पर सिविक वालंटियर्स का कोई स्थान नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के संदर्भ में राज्य के अन्य अस्पतालों की भाँति बर्धमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल से भी सिविक वालंटियर्स को हटा दिया गया। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए डीएसपी मुख्यालय अतनु घोषाल, डीएसपी-डीआईबी धीरेंद्र पाठक तथा बर्धमान थाने के आईसी दिव्येंदु दास ने बर्धमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा किया। वहाँ उन्होंने अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति का आकलन किया और इस संदर्भ में आवश्यक चर्चा की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अॉर्क बनर्जी ने कहा, “अस्पताल से सिविक वालंटियर्स पहले ही हटा दिए गए हैं। वर्तमान में अस्पताल में कोई सिविक वालंटियर्स नहीं हैं। पहले से ही अस्पताल में पुलिस बल की संख्या बढ़ाई गई है। अस्पताल परिसर में स्थायी पुलिस कैंप भी स्थापित है।” गौरतलब है कि बर्धमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सुरक्षा की जिम्मेदारी लगभग 50 सिविक वालंटियर्स पर थी। हालाँकि, अब अदालत के निर्देशों के अनुपालन में उनकी जगह पुलिस कर्मियों की तैनाती कैसे होगी, इस विषय पर चिंताएँ व्यक्त की जा रही हैं।

इस संदर्भ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया, “हम सुरक्षा के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। पुलिस बल की तैनाती पहले ही बढ़ाई जा चुकी है।”इस प्रकार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए, प्रशासन ने बर्धमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया है।















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