
बांकुड़ा : तिलोत्तमा मामले में न्याय की मांग, सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास, और सेंट्रल रेफरल की स्थापना समेत दस सूत्री मांगों के समर्थन में भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) के आह्वान पर बांकुड़ा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने भूख हड़ताल प्रारंभ की है।

कोलकाता में चल रहे आमरण अनशन के समर्थन में जूनियर डॉक्टरों ने आज सुबह से बांकुड़ा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज में भूख हड़ताल की शुरुआत की। यह वही मंच है, जहाँ जूनियर डॉक्टर तिलोत्तमा के मामले में न्याय की मांग को लेकर पिछले दो महीनों से आंदोलन कर रहे हैं। भूख हड़ताल आज सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक जारी रहने की योजना है।
इस संबंध में अनशन कर रही जूनियर डॉक्टर सोनाली धवल ने बताया कि कोलकाता में चल रहे अनशन में जिन मांगों को लेकर डॉक्टर संघर्ष कर रहे हैं, उन्हीं मांगों के समर्थन में बांकुड़ा के डॉक्टर भी भूख हड़ताल पर हैं। अनशन मंच पर कुल 12 डॉक्टर उपस्थित हैं, जबकि कई अन्य डॉक्टर ड्यूटी के दौरान भी अनशन में शामिल हो रहे हैं।
इस बीच, जूनियर डॉक्टरों ने द्रोह कार्निवल के अवसर पर आज दोपहर बांकुड़ा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज से भैरव स्थान मंदिर तक एक विशाल रैली निकालने की घोषणा की है। इस रैली का उद्देश्य उनके आंदोलन की आवाज को और अधिक मजबूत करना है।
जूनियर डॉक्टरों ने यह स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें न केवल तिलोत्तमा मामले में न्याय की मांग करती हैं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवा की स्थितियों में सुधार की आवश्यकता को भी उजागर करती हैं। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा में बेहतर बुनियादी ढांचे और उचित संसाधनों की उपलब्धता के लिए अपनी आवाज बुलंद की है।

जूनियर डॉक्टरों की यह भूख हड़ताल और रैली सरकार को उनके अधिकारों और सुरक्षा की ओर ध्यान आकर्षित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उनके भविष्य और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की स्थिति में सुधार की उम्मीद की जा रही है।















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