
पूर्व बर्धमान : तृणमूल कांग्रेस के गुटीय संघर्ष ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया। गालसी में तृणमूल के पंचायत सदस्य के पार्टी कार्यालय को जलाने का आरोप पार्टी के ही दूसरे गुट पर लगा है। गलसी के पोटना-पुरुषा ग्राम पंचायत के सदस्य शेख गुलाम मर्तुजा लालन के पार्टी कार्यालय में अचानक आग लग गई। इस आगजनी में कार्यालय पूरी तरह खाक हो गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक पार्टी कार्यालय पूरी तरह जलकर राख हो चुका था।
इस घटना के बाद शेख गुलाम मर्तुजा ने आरोप लगाया कि आग तृणमूल कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष और गालसी ब्लॉक 1 के नेता जाकिर हुसैन के समर्थकों ने लगाई। उन्होंने कहा कि यह हमला इसलिए किया गया क्योंकि उन्होंने पंंचायत की संपत्ति, विशेषकर पेड़ों की अवैध कटाई, के खिलाफ वन विभाग में शिकायत दर्ज करवाई थी।

जाकिर हुसैन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह स्थान पार्टी कार्यालय नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि गुलाम मर्तुजा के समर्थकों ने उनके एक अनुयायी को एक पेड़ की टूटी डाल ले जाने पर मारपीट की और अब खुद आग लगाकर झूठा आरोप लगा रहे हैं।

वहीं, भाजपा नेता मृत्यंजय चंद्र ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक कलह और सत्ता के बंटवारे को लेकर संघर्ष का यह नतीजा है। तृणमूल कांग्रेस के राज्य प्रवक्ता प्रसेनजीत दास ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच के बाद ही कोई ठोस टिप्पणी की जाएगी। यह घटना तृणमूल कांग्रेस के भीतर बढ़ते गुटीय विवाद और इसके परिणामस्वरूप हो रहे सार्वजनिक नुकसान को दर्शाती है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अब तक इस पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है।















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