
आसनसोल : भारतीय राजनीति में दल बदलना कोई नई बात नहीं है। भारत के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में भी कई उदाहरण मिलते हैं, जहां नेता अपने राजनीतिक लाभ के लिए दल बदलते हैं। ऐसे मामलों में अधिकतर नेता इस कदम को अत्यंत गोपनीय रखते हैं। किंतु पश्चिम बर्दवान जिला ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष दानिश अजीज ने एक नया मोड़ दिया।
दानिश अजीज ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि पश्चिम बर्दवान जिले के तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शीघ्र ही एआईएमआईएम का हाथ थामने वाले हैं। उनके अनुसार, इनमें पूर्व डिप्टी मेयर, पूर्व पार्षद, तथा एक पूर्व विधायक प्रत्याशी भी सम्मिलित हैं। हालाँकि उन्होंने इन नेताओं के नाम का खुलासा नहीं किया, परन्तु उनके संकेतात्मक शब्दों ने बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। अपने पोस्ट में दानिश ने इस घटना की कोई स्पष्ट तिथि नहीं बताई, केवल ‘बहुत जल्द’ जैसे शब्दों का उपयोग करते हुए संकेत दिया कि यह परिवर्तन शीघ्र ही होगा।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कभी-कभी विपक्षी नेता अपने प्रतिद्वंद्वी दल के भीतर अविश्वास एवं संदेह का वातावरण बनाने के लिए इस तरह की रणनीतिक घोषणा करते हैं। इससे प्रतिद्वंद्वी दल में गुटबंदी की संभावना भी बनती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दानिश अजीज का यह दावा मात्र एक रणनीति है या वास्तव में टीएमसी के बड़े नेता एआईएमआईएम की ओर रुख करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के लिए यह स्थिति संवेदनशील हो सकती है। यदि वरिष्ठ नेता दल बदलते हैं, तो इससे तृणमूल की ताकत एवं नेतृत्व पर सवाल खड़े होंगे। वहीं, दूसरी ओर, एआईएमआईएम के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर होगा, जो पश्चिम बंगाल की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
















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