

आसनसोल : तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर दिए गए बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। दो दिन पूर्व दिल्ली में एक समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान उन्होंने उत्तराखंड में लागू किए गए यूनिफॉर्म सिविल कोड का समर्थन किया था। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने UCC की जटिलताओं को लेकर केंद्र सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग भी की थी, ताकि उन तमाम पेचीदगियों को दूर किया जा सके, जो इसे पूरे देश में लागू करने में बाधा बन सकती हैं।
शत्रुघ्न सिन्हा के इस बयान के बाद विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस और वामपंथी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। विपक्ष ने टीएमसी और भाजपा के बीच गुप्त समझौते का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बयान उसी राजनीतिक समीकरण का हिस्सा है। विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि टीएमसी और भाजपा के बीच अंदरूनी सहमति बनी हुई है, और यह बयान उसी कथित ‘समझौते’ का प्रमाण है।

इन आरोपों के बाद, शत्रुघ्न सिन्हा ने आज अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर सफाई देते हुए एक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा, “बिहारी बाबू अब बंगाली बाबू बन चुके हैं, लेकिन अब वे खुद को हिंदुस्तानी बाबू मानते हैं।” उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनकी राय उनकी पार्टी टीएमसी की राय से अलग नहीं है।
सिन्हा ने टीएमसी द्वारा यूनिफॉर्म सिविल कोड के विरोध को पूरी तरह समर्थन देते हुए कहा कि वह अपनी पार्टी की नीतियों और विचारधारा के साथ पूरी तरह खड़े हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि हर मुद्दे पर उनकी राय वही होगी, जो उनकी पार्टी की होगी।

शत्रुघ्न सिन्हा के इस बयान के बाद, राजनीतिक विश्लेषक इसे टीएमसी की विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सार्वजनिक रूप से दर्शाने का प्रयास मान रहे हैं। वहीं, विपक्ष उनके रुख में बदलाव को लेकर सवाल उठा रहा है।















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