आसनसोल : ट्रेन संचालन के क्षेत्र में आधुनिकता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए, हावड़ा डिवीजन ने वंदे भारत ट्रेन सेट के रखरखाव में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग (ML) आधारित एक नवीन भविष्यवाणी प्रणाली को लागू किया है। इस अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर का विकास झील साइडिंग कोचिंग डिपो में किया गया है, जो वास्तविक समय में रिमोट मॉनिटरिंग और प्रबंधन प्रणाली (REMMLOT) के माध्यम से प्राप्त डेटा का विश्लेषण कर संभावित समस्याओं का पूर्वानुमान लगाता है और व्यवधानों को रोकने में सहायक सिद्ध होता है। AI द्वारा संचालित यह प्रणाली समय पर दोषों की पहचान, लक्षित मरम्मत और सुव्यवस्थित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करती है, जो कार्यात्मक उत्कृष्टता में नए मानक स्थापित कर रही है।
इस प्रणाली में उन्नत एल्गोरिद्म का उपयोग किया गया है जो वंदे भारत ट्रेन सेट के विभिन्न परिचालन मोड की निगरानी करते हुए सैद्धांतिक मॉडलों से यात्रा के मापदंडों की तुलना करता है। उल्टे लॉजिक ट्री और पूर्व निर्धारित सीमा मूल्यों के माध्यम से दोषों की पहचान कर, मरम्मत टीम को सतर्क कर सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकती है। सॉफ्टवेयर दौड़ते समय उत्पन्न दोषों की स्थितियों का विश्लेषण कर दोषपूर्ण उप-समूहों को इंगित करता है, जिससे त्वरित हस्तक्षेप संभव हो पाता है। रखरखाव कर्मचारी दोषों पर प्रतिक्रिया दर्ज कर, उनकी गंभीरता वर्गीकृत करते हैं और सुधारात्मक उपायों का दस्तावेजीकरण करते हैं, जिससे निरंतर सुधार का एक चक्र निर्मित होता है।

मूल उपकरण निर्माता (OEM) मैन्युअल्स, पूर्व फीडबैक रिकॉर्ड और ML पुस्तकालयों का समावेश इस प्रणाली की क्षमता को और सुदृढ़ करता है, जिससे बार-बार या गंभीर दोषों के प्रभावी समाधान सुझाए जा सकते हैं। प्रत्येक इनपुट से सॉफ्टवेयर की सटीकता में वृद्धि होती है, जिससे परिचालन व्यवधानों की संभावना घटती जाती है।

इस भविष्यवाणी प्रणाली ने पहले ही 22 से अधिक दोषों को हल कर अपनी उपयोगिता साबित की है, जिसमें स्थैतिक इन्वर्टर (STV), ढीले कनेक्शन, लो टेंशन कंट्रोल (LTC) मॉड्यूल, रिले और गति सेंसर संबंधी समस्याएं शामिल हैं। ये त्वरित हस्तक्षेप मार्ग में होने वाली देरी को रोकने और निरंतर ट्रेन सेवा सुनिश्चित करने में सहायक रहे हैं। यह प्रणाली दैनिक रिपोर्ट तैयार कर दोषों, सुधारात्मक कार्रवाइयों और महत्वपूर्ण कोड विश्लेषण को पीडीएफ प्रारूप में प्रस्तुत करती है, जो रखरखाव योजना को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाती है।
प्रत्येक घटक की निकटतम निगरानी क्षमता के साथ, यह प्रणाली न केवल वंदे भारत ट्रेन सेट की विश्वसनीयता को बढ़ाती है, बल्कि संपूर्ण भारतीय रेल नेटवर्क में इसके विस्तार की प्रबल संभावना रखती है। जैसे-जैसे इसमें अधिक डेटा फीड होता जाएगा, इसकी दोष पहचान क्षमता और सुदृढ़ होती जाएगी, जिससे गहन विश्लेषण और गहराई से कारण-विश्लेषण संभव होगा। भविष्य में, समय रुझान विश्लेषण और तापमान प्रोफाइलिंग जैसी सुविधाओं को शामिल किया जाएगा ताकि पुनरावृत्ति होने वाले दोषों की पहचान कर उप-समूह प्रदर्शन की निगरानी की जा सके और रखरखाव कार्यक्रम को अधिक कुशल बनाया जा सके।
यह पहल भारतीय रेल के आधुनिक तकनीकों को अपनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिससे परिचालन दक्षता और यात्री संतुष्टि में वृद्धि हो। AI और ML का यह उपयोग न केवल दोषों की रोकथाम कर रहा है, बल्कि भविष्य के भविष्यवाणी आधारित रखरखाव का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है, जिससे रोलिंग स्टॉक प्रबंधन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित हो रहे हैं।















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