

आसनसोल : पश्चिम बंगाल की राजनीति और न्याय प्रणाली के केंद्र में एक बार फिर विवाद की चिंगारी भड़क उठी है। कोयला तस्करी मामले में चर्चित आरोपी विकास मिश्रा पर नाबालिग के यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगा है। इसी के साथ, आरोप लगाने वाली महिला ने विकास पर उनके विरोध करने पर शारीरिक प्रताड़ना का भी आरोप लगाया है। घटना की शिकायत कालीघाट थाने में दर्ज कराई गई, जिसके पश्चात पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। विकास मिश्रा को अलीपुर कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां उन्हें एक दिन की जेल हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। विकास को सोमवार को पॉक्सो (पोकसो ) अदालत में पेश किया जाएगा।

अदालत से बाहर निकलते समय विकास ने मीडिया के समक्ष विस्फोटक दावा करते हुए कहा, “मुझे जान से मारने की साजिश रची जा रही है। अगर मैंने सच्चाई उजागर की, तो सरकार गिर जाएगी।” विकास मिश्रा की गिरफ्तारी ने कोयला तस्करी मामले की सुनवाई और आरोप तय प्रक्रिया पर संशय उत्पन्न कर दिया है। इस मामले में सोमवार, 25 नवंबर को आसनसोल स्थित सीबीआई विशेष अदालत में आरोप तय किए जाने हैं। न्यायाधीश राजेश चक्रवर्ती ने पिछले सप्ताह बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद आरोप तय करने के लिए यह तिथि निर्धारित की थी। सभी आरोपियों को न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था।

हालांकि, विकास मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद, विशेषज्ञों का मानना है कि आरोप तय प्रक्रिया में विलंब हो सकता है। अन्य आरोपियों की अनुपस्थिति की संभावना को देखते हुए, नई तारीख तय किए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। विकास मिश्रा, जो कोयला और गौ तस्करी मामलों में पूर्व में गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जमानत पर रिहा थे और नियमित रूप से सीबीआई कार्यालय में उपस्थिति दे रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विनय मिश्रा की बेटी के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप ने इस प्रकरण को और अधिक गंभीर बना दिया है।
कालीघाट थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने विकास मिश्रा के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विनय मिश्रा, जिन्हें कोयला तस्करी कांड का ‘किंगपिन’ माना जाता है, और उनके भाई विकास, दोनों इस मामले में लंबे समय से जांच के दायरे में हैं। विकास मिश्रा की गिरफ्तारी ने कोयला तस्करी मामले की सुनवाई से ठीक पहले राजनीतिक और कानूनी गलियारों में हलचल मचा दी है। उनकी गिरफ्तारी पर चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। विकास के बयान, जिसमें उन्होंने अपनी जान को खतरा बताया और सरकार गिराने की धमकी दी, ने राजनीतिक पारे को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से कोयला तस्करी मामले की जांच और आरोप तय प्रक्रिया में नई चुनौतियाँ उत्पन्न होंगी। सोमवार की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। विकास मिश्रा के अलावा, अन्य आरोपियों की उपस्थिति और न्यायालय की दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण होंगे। विकास मिश्रा की गिरफ्तारी न केवल न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी उथल-पुथल मचाने की संभावना है। अब देखना होगा कि सीबीआई अदालत इस मामले में क्या निर्णय लेती है और आरोप तय प्रक्रिया में क्या बाधाएँ उत्पन्न होती हैं।















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